राज ठाकरे ने एक दिन के लिए दोनों नेताओं को एक मंच पर लाया था। अब केंद्रीय मंत्री आठवले ने इसी बात पर चुटकी लेते हुए अपनी ओर से कोशिश करने की बात कही है।
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दिलचस्प बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह दोनों नेताओं को हमेशा के लिए एक साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं।
हाल ही में एक कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए थे। इसी पर चुटकी लेते हुए आठवले ने कहा कि राज ठाकरे ने जो काम एक दिन के लिए किया, वह दोनों नेताओं को हमेशा के लिए साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं।
‘दोनों का एक मंच पर आना भी मुश्किल था’

रामदास आठवले ने मजाकिया अंदाज में कहा कि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे का एक मंच पर आना कभी मुश्किल माना जाता था। लेकिन राज ठाकरे ने एक दिन के लिए दोनों को साथ ला दिया। उन्होंने कहा कि नेता अक्सर शादी और दूसरे सामाजिक कार्यक्रमों में एक मंच पर आते रहते हैं। आठवले ने आगे कहा कि वह भी कोशिश कर सकते हैं कि फडणवीस और उद्धव भविष्य में हमेशा के लिए एक साथ आ जाएं।
दोनों नेताओं को कब साथ लाएंगे आठवले?
जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया कि वह फडणवीस और उद्धव ठाकरे को साथ लाने की कोशिश कब करेंगे, तो वह इस सवाल का सीधा जवाब देने से बचते नजर आए।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र में हालिया विधान परिषद चुनावों के नतीजों के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज है। चुनाव परिणामों के बाद महायुति के घटक दलों के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं।
विधान परिषद चुनावों में एनडीए को सबसे ज्यादा सीटें मिलने का दावा
महाराष्ट्र और कर्नाटक के विधान परिषद चुनावों पर बात करते हुए आठवले ने कहा कि कुल 28 सीटों में एनडीए को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं। हालांकि, उन्होंने महाराष्ट्र में गठबंधन को हुए नुकसान को भी स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी को नुकसान हुआ और नागपुर में उसे एक सीट मिली। आठवले के मुताबिक, महाराष्ट्र में एनडीए सभी पांच सीटें जीतने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।
भाजपा-शिवसेना के मतभेद बातचीत से सुलझने की उम्मीद
विधान परिषद चुनावों में प्रदर्शन के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच सामने आ रही बयानबाजी पर भी आठवले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी आम बात है। महायुति और महाविकास अघाड़ी, दोनों गठबंधनों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं।
आठवले ने माना कि चुनाव में कुछ सीटें गंवाने के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद सामने आए हैं। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत के जरिए इन मतभेदों को दूर कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक, इसे लेकर चिंता करने जैसी कोई बड़ी बात नहीं है।
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