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एक्सपायरी सामान नष्ट करने के बजाय बाजार में बेचने का खेल! भिवंडी में लाखों का खाद्य भंडार जब्त

एफडीए की जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला, पुराने खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकिंग और तारीखों में बदलाव की आशंका; 17 लोगों के नाम एफआईआर में।

राहुल गुप्ता

ठाणे, 30 अक्टूबर। किराना दुकानों से सामान खरीदते समय लोग नामी कंपनियों पर भरोसा करते हैं, लेकिन इसी भरोसे को तोड़ने वाला मामला भिवंडी में सामने आया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की जांच में आशंका जताई गई है कि एक्सपायरी डेट पार कर चुके, खराब और बिक्री के अयोग्य खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय दोबारा बाजार में बेचा जा रहा था। पिछले चार महीनों में विभाग ने अलग-अलग कार्यवाहियों के दौरान लाखों रुपये का ऐसा सामान जब्त किया है।

नियमों के अनुसार, एक्सपायरी या बिक्री के अयोग्य खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के लिए अधिकृत संस्था नियुक्त करना और सामान नष्ट किए जाने का प्रमाण सुरक्षित रखना जरूरी है। लेकिन जांच में कुछ मामलों में इस प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई है।

कागजों पर थी सामान नष्ट करने वाली संस्था

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एफडीए के मुताबिक, एक नामी कंपनी ने कागजों पर खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के लिए एक संस्था नियुक्त की थी, लेकिन जांच में ऐसी कोई संस्था वास्तव में उपलब्ध नहीं मिली। कुछ अन्य मामलों में सामान नष्ट करने की जिम्मेदारी संभालने वाली संस्थाओं के मालिकों के राजनीतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी होने का संदेह भी जताया गया है।

प्रशासन को आशंका है कि भिवंडी और मुंब्रा के गोदामों में एक्सपायरी सामान जमा किया जाता था। इसके बाद पैकेट पर लिखी तारीखों में बदलाव या दोबारा पैकिंग करके उसे बिचौलियों और खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से बाजार में पहुंचाया जा सकता था।

अमेजन से लेकर ब्लिंकिट के गोदामों तक जांच

जून महीने में भिवंडी की आठ प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान खरीद के बिल और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर एक्सपायरी सामान जब्त किया गया था। भिवंडी के सरावली स्थित अमेजन रिटेल इंडिया के पूर्ति केंद्र में भी करीब डेढ़ टन एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थ मिलने की जानकारी दर्ज की गई।

इसी महीने भिवंडी में रोके गए एक अंतरराज्यीय ट्रक में बिना बिल के करीब 5.18 लाख रुपये का आटा और ब्रांडेड पैकेटों में सामान मिला था। जांच में सामने आया कि इस सामान को गुजरात में दोबारा बिक्री के लिए भेजा जा रहा था। इस मामले में अपराध दर्ज किया गया।

दो दिनों में 48 लाख का सामान जांच के दायरे में

14 और 15 अक्टूबर को ठाणे और पुणे जिलों में सात टीमों ने एक साथ कार्यवाही की। इस दौरान रिलायंस रिटेल, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, जोमैटो हाइपरप्योर और ब्लिंकिट से जुड़े ठिकानों सहित अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। नौ स्थानों पर मिले सामान का मूल्य करीब 48 लाख रुपये बताया गया।

इसके बाद 21 अक्टूबर को भिवंडी के पागांव स्थित ब्लिंक कॉमर्स के गोदाम की जांच में 32.71 लाख रुपये का एक्सपायरी खाद्य सामान मिला।

पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, 17 लोगों के नाम

एफडीए की जांच में सामान अधिकृत संस्था को सौंपने से लेकर उसके परिवहन और अंतिम निस्तारण तक के दस्तावेजों की पूरी और सत्यापन योग्य श्रृंखला उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इस कार्यवाही में पांच लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं, बिना लाइसेंस संचालित चार स्थानों का कारोबार बंद कर सामान जब्त किया गया।

इस मामले में तीन अपराध दर्ज किए गए हैं। इनमें कंपनियों के अधिकारियों, प्रबंधकों और आपूर्तिकर्ताओं सहित 17 लोगों के नाम शामिल हैं।

राजनीतिक पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच

एफडीए को शुरुआती जानकारी मिली है कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के लिए कुछ राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने संस्थाएं खोली थीं। विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहा है। हालांकि, इसमें किसी की संलिप्तता अभी साबित नहीं हुई है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का भंडार जब्त किया गया है और इन मामलों की जांच जारी है।

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