हरियाणा में बिजली-पानी संकट से मचे हाहाकार पर भड़के AAP राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा
बिजली गायब, पानी गायब, मुख्यमंत्री नायब भी गायब, आखिर हरियाणा चला कौन रहा है : अनुराग ढांडा
36 घंटे से बिजली-पानी के लिए परेशान जनता, मुख्यमंत्री नायब सिंह अपनी जिम्मेदारी से कब तक बचेंगे : अनुराग ढांडा
नायब सिंह से अगर सरकार नहीं संभल रही, तो कुर्सी से चिपके रहने के बजाय इस्तीफा दे : अनुराग ढांडा
सरकार नहीं चलानी आती तो पंजाब सीएम भगवंत मान से सीखें नायब सिंह : अनुराग ढांडा
बिजली-पानी पर जवाब दें मुख्यमंत्री, निजीकरण की डील तत्काल रद्द करे भाजपा सरकार : अनुराग ढांडा
बिजली कर्मचारी जान हथेली पर रखकर काम करें, लेकिन सरकार ₹5,000 रिस्क अलाउंस देने को तैयार नहीं : अनुराग ढांडा
नायब सिंह से नहीं संभल रही हरियाणा सरकार, कुर्सी से चिपके रहने के बजाय इस्तीफा दें : अनुराग ढांडा
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा में बिजली-पानी के संकट को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली और पानी की समस्या के लिए मुख्यमंत्री की नाकामी जिम्मेदार है। लेकिन मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का कारोबार एक निजी कंपनी को सौंपने में जुटे हैं। अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि न कंपनी के पास कोई अनुभव है न कंपनी वित्तीय क्षमता मानकों पर खरी उतर रही है तो आखिर सरकारी उपक्रम को नुक्सान में डालकर एक निजी कंपनी को 10000 करोड़ का लाभ देने के पीछे आखिर नायब सिंह की क्या मजबूरी है ?
अनुराग ढांडा ने कहा कि पिछले 36 घंटे से गुरुग्राम, अंबाला, रोहतक, हिसार, करनाल, कुरुक्षेत्र समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बिजली-पानी की किल्लत की शिकायतें आ रही हैं। गुरुग्राम जैसे बड़े आईटी हब में लोग मोमबत्तियां लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। जब मुख्यमंत्री से बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं संभल रहीं, तो वे सरकार किस बात की चला रहे हैं? हरियाणा के लोग अब पूछ रहे हैं कि बिजली गायब है, पानी गायब है और मुख्यमंत्री भी गायब हैं, आखिर प्रदेश चला कौन रहा है? ढांडा ने कहा कि नायब सिंह सैनी से अगर सरकार नहीं संभल रही, तो उन्हें कुर्सी से चिपके रहने के बजाय इस्तीफा दे देना चाहिए।
अनुराग ढांडा ने कहा कि एक तरफ हरियाणा के लोग बूंद-बूंद पानी और बिजली के लिए परेशान हैं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का काम एक निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर नायब सिंह सैनी इस कंपनी पर इतने मेहरबान क्यों हैं? 6 जून 2025 को बनी इलेवन पावर्स प्राइवेट लिमिटेड की पेड-अप कैपिटल करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है, लेकिन कंपनी लगभग ₹4,700 करोड़ के निवेश की बात कर रही है और उसे 25 साल की अवधि के लिए बिजली वितरण की ज़िम्मेदारी दिया जाना हैरान कर देने वाला है। न कंपनी के पुराने अनुभव को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने है, न उसकी इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने की क्षमता पर सरकार ने जनता को संतोषजनक जवाब दिया है। ढांडा ने पूछा कि आखिर ऐसी कौन-सी खास बात है इस कंपनी में, जो हरियाणा सरकार प्रदेश की बिजली व्यवस्था का इतना बड़ा हिस्सा उसे सौंपने जा रही है? सरकार बताए कि कंपनी की वित्तीय क्षमता, तकनीकी योग्यता और निविदा प्रक्रिया की जांच किस आधार पर हुई। अगर सब कुछ साफ है, तो दस्तावेज सार्वजनिक करने में डर किस बात का है?
अनुराग ढांडा ने सीएम नायब सिंह की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि नायब सिंह गुरुग्राम के बिजली वितरण कारोबार से सालाना 10,000 करोड़ की कमाई वाला पैकेज एक निजी कंपनी को क्यों सौंपना चाहते हैं? आखिर नायब सिंह एक निजी कंपनी को नेटवर्क बनाने में 4700 करोड़ रूपए का निवेश क्यों दिलाना चाहते हैं? ढांडा ने सीएम नायब सिंह के ‘पर्ची नहीं चलती’ वाले बयान पर तंज कसते हुए पूछा कि बिना पर्ची के किसी 1 करोड़ की कंपनी को 4700 करोड़ के निवेश की इजाज़त कोई सरकार दे ही नहीं सकती तो आखिर 10000 करोड़ के लाभ की पर्ची सीएम कार्यालय से गई थी या ‘सुपर सीएम’ केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर के दफ्तर से? ढांडा ने कहा कि सीएम नायब सिंह यह भी बताएं कि इस पूरी डील में गुजरात कनेक्शन क्या है? क्योंकि आपके गुजरात कनेक्शन के चक्कर में हम हरियाणा की जनता को पानी और बिजली संकट में नहीं डाल सकते।
अनुराग ढांडा ने बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिजली के खंभों पर चढ़कर अपनी जान जोखिम में डालने वाले कर्मचारी ₹5,000 मासिक रिस्क अलाउंस मांग रहे हैं, लेकिन सरकार मात्र ₹500 देने की बात कर रही है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ₹5,000 देने में सरकार को परेशानी है, लेकिन एक नई निजी कंपनी को हजारों करोड़ रुपये के निवेश वाली व्यवस्था सौंपने में कोई परेशानी नहीं है। यह कैसा न्याय है? जो कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके प्रदेश की बिजली व्यवस्था संभालते हैं, सरकार उन्हीं की आवाज दबाने में लगी है। ढांडा ने कहा कि आज नायब सरकार की ज़िद्द के कारण ही बिजली कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
अनुराग ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि नायब सिंह से सरकार नहीं चलाई जा रही तो पंजाब सीएम भगवंत मान से सीखे। पंजाब सीएम ने निजी बिजली प्रोजेक्ट को खरीद कर सरकारी बनाकर जनता को मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाई है लेकिन हरियाणा सीएम नायब सिंह सरकारी बिजली वितरण का कार्य भी निजी कंपनी को सौंप रहे हैं। ढांडा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब प्रदेश के लोग 36 घंटे से बिजली-पानी की परेशानी झेल रहे हैं, तो इस डील को रद्द करने में सरकार के हाथ किसने बांध रखे हैं? एचईआरसी का नाम लेकर जिम्मेदारी से बचने के बजाय सरकार इस डील को रद्द कर सकती है लेकिन नायब सिंह की न जाने कौन सी मजबूरी है कि वो ऐसा नहीं कर रहे।
अनुराग ढांडा बोले कि आम आदमी पार्टी बिजली वितरण के इस फैसले का पुरज़ोर विरोध करती है और तुरंत इस डील को रद्द करने की मांग उठाती है। साथ ही सरकार से मांग करती है कि इस डील की निष्पक्ष जांच होने तक इसे आगे बढ़ाने पर रोक लगाई जाए, सभी दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं और बिजली-पानी के संकट के लिए जिम्मेदारी तय की जाए। हरियाणा किसी मुख्यमंत्री की जागीर नहीं है और जनता को बिजली-पानी देना सरकार का एहसान नहीं, उसकी जिम्मेदारी है।
अनुराग ढांडा ने चेतावनी देते हुए कहा कि नायब सिंह सैनी को याद रखना चाहिए कि हरियाणा की जनता ने उन्हें सरकार चलाने के लिए चुना है, निजी कंपनियों की तिजोरी भरने और लोगों को अंधेरे में रखने के लिए नहीं। अगर उनसे प्रदेश नहीं संभल रहा, तो उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की मांगों पर तुरंत बातचीत होनी चाहिए और उन्हें उचित रिस्क अलाउंस दिया जाना चाहिए। हरियाणा में बिजली-पानी के संकट को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि जनता को सरकार की नाकामी की कीमत न चुकानी पड़े।
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