भारतीय महिला टीम की पूर्व सलामी बल्लेबाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उन्होंने 2009 से 2021 तक भारत का प्रतिनिधित्व किया।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 अक्टूबर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सलामी बल्लेबाज पूनम राउत ने 37 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर तत्काल प्रभाव से क्रिकेट को अलविदा कहने की जानकारी दी। पूनम ने 2009 से 2021 के बीच भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वह आखिरी बार 2021 में टेस्ट मैच के दौरान भारतीय जर्सी में नजर आई थीं।
भारत के लिए खेलना जीवन का सबसे बड़ा सम्मान
पूनम राउत ने अपनी पोस्ट में कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने क्रिकेट को अपने जीवन का आधार बताते हुए कहा कि इस खेल ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ने के साथ विपरीत परिस्थितियों में मजबूती से खड़े रहना भी सिखाया।
उन्होंने भारतीय जर्सी पहनने का सपना पूरा करने में साथ देने वाले प्रशंसकों और शुभचिंतकों का आभार जताया। साथ ही, अपने शुरुआती करियर में भरोसा जताने और क्रिकेट की मजबूत नींव तैयार करने के लिए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को भी धन्यवाद दिया।
ऐसा रहा पूनम राउत का अंतरराष्ट्रीय करियर
दाएं हाथ की बल्लेबाज पूनम राउत ने भारत के लिए 4 टेस्ट मैचों की 7 पारियों में 44 की औसत से 264 रन बनाए। इसमें एक शतक शामिल है। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 73 मैचों में 34.83 की औसत से 2,299 रन बनाए। इस प्रारूप में उनके नाम 3 शतक और 15 अर्धशतक दर्ज हैं।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूनम ने 35 मैचों की 31 पारियों में 27.65 की औसत से 719 रन बनाए। लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा रहीं पूनम ने अपनी बल्लेबाजी से कई अहम मौकों पर योगदान दिया।
दीप्ति शर्मा के साथ बनाया था ऐतिहासिक रिकॉर्ड
पूनम राउत के करियर की सबसे खास उपलब्धियों में 2017 में आयरलैंड के खिलाफ दीप्ति शर्मा के साथ बनाई गई 320 रन की ओपनिंग साझेदारी शामिल है। महिला वनडे क्रिकेट में दोनों ने पहले विकेट के लिए यह ऐतिहासिक साझेदारी की थी, जो इस प्रारूप में 300 रन का आंकड़ा पार करने वाली पहली साझेदारी बनी।
2017 महिला वनडे विश्व कप में भी पूनम ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 9 पारियों में 42.33 की औसत से 381 रन बनाए और भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उनके संन्यास के साथ भारतीय महिला क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण दौर का अंत हो गया है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।
