पूर्व भारतीय बल्लेबाज का दावा, चयन समिति के रवैये से नाखुश थे कोहली; इंग्लैंड दौरे से पहले फैसले को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली ने 2025 में एक सप्ताह के भीतर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। रोहित ने आईपीएल 2025 के दौरान टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का ऐलान किया, जबकि कुछ ही दिनों बाद कोहली ने भी इस प्रारूप को अलविदा कह दिया। अब भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर ने कोहली के फैसले को लेकर दावा किया है कि वह चयन समिति के रवैये से नाराज थे।
चयन समिति के व्यवहार से नाराजगी का दावा
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कहा कि विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) या चयनकर्ताओं से नाराजगी के कारण टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया हो सकता है। उन्होंने अजीत अगरकर की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयन समिति के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
जाफर के मुताबिक, कोहली जैसे अनुभवी और बड़े खिलाड़ी के साथ अधिक सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक कोहली खुद संन्यास के पीछे की वजह नहीं बताते, तब तक वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हो सकती।
इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रहे थे कोहली
जाफर ने कहा कि कोहली इंग्लैंड दौरे के लिए तैयारी कर रहे थे और उनके संन्यास से जुड़े पूरे घटनाक्रम को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। उनके अनुसार, कोहली के साथ हुए व्यवहार से वह कुछ नाराज दिखाई दे रहे थे।
कोहली के अचानक संन्यास ने इसलिए भी सवाल खड़े किए थे, क्योंकि भारतीय टीम को इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की महत्वपूर्ण सीरीज खेलनी थी। हालांकि, चयन समिति के व्यवहार को संन्यास का कारण बताना जाफर का दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रणजी ट्रॉफी खेलने के बाद बदला फैसला
विराट कोहली ने जनवरी 2025 में दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी मैच खेलकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की थी। इसके बाद अप्रैल में उनके टेस्ट क्रिकेट छोड़ने की खबर सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और उनके करीबी लोगों ने उन्हें फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने निर्णय पर कायम रहे।
कई बड़े रिकॉर्ड अधूरे रह गए
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के कारण कोहली कुछ उपलब्धियों तक पहुंचने से पहले ही इस प्रारूप से दूर हो गए। वह 125 टेस्ट मैच पूरे करने से सिर्फ 2 मैच दूर थे। ऐसा करने पर वह महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर के 125 टेस्ट मैचों के आंकड़े की बराबरी कर लेते।
इसके अलावा, टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने के लिए उन्हें 770 रनों की जरूरत थी। यह उपलब्धि हासिल करने पर वह इस आंकड़े तक पहुंचने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन सकते थे। वहीं, टेस्ट क्रिकेट में 35 शतक पूरे करने के लिए उन्हें 5 शतक और लगाने थे।
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