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10 दिन से धरने पर बैठे छात्रों का फूटा गुस्सा, थाली-बेलन बजाकर सरकार को जगाने की कोशिश

पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थियों ने अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और 70 हजार पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग दोहराई, आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

राहुल गुप्ता

पुणे, 11 अक्टूबर। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, बार-बार परीक्षाएं टलने और भर्ती प्रक्रिया अटके रहने के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। 10 दिन से सड़क पर बैठकर विरोध जता रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार, 10 अक्टूबर को थाली और चम्मच बजाकर सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की। छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और 70 हजार पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग दोहराते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

कई जगहों पर जारी है प्रदर्शन

पुणे में एस. एम. जोशी पुल के पास गरवारे कॉलेज परिसर में विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में आंदोलन जारी है। लालबहादुर शास्त्री रोड पर भी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि 10 दिन बीत जाने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाने और नोटिस दिए जाने से भी उनकी नाराजगी बढ़ी है।

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रोहित पवार बोले- कार्रवाई करनी है तो मुझ पर करें

विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि वह पिछले 10 दिनों से 24 घंटे आंदोलन स्थल पर मौजूद हैं और सबसे आक्रामक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। ऐसे में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को कार्रवाई करनी है तो उन पर करनी चाहिए।

पवार ने यह भी आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि के तौर पर आंदोलन में शामिल होने के बावजूद छात्रों को नोटिस दिए जा रहे हैं और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने विश्रामबाग पुलिस थाने में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और आंदोलन की अनुमति के लिए आवेदन भी सौंपे।

बातचीत के लिए तैयार, लेकिन मांगों पर अडिग

प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई है। हालांकि, उनका कहना है कि पहल सरकार को करनी होगी। छात्रों ने कहा कि सरकार एक कदम आगे बढ़ाए तो वे भी बातचीत के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि चर्चा के जरिए समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द फैसला नहीं होने पर आंदोलन और तीव्र किया जाएगा।

किन्नर समुदाय ने भी दिया समर्थन

एमपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को किन्नर समुदाय का भी समर्थन मिला है। दिशा शेख ने कहा कि छात्रों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए चलाए जा रहे संघर्ष में किन्नर समुदाय उनके साथ है।

मोबाइल जैमर लगाने पर भी जताई आपत्ति

आंदोलन स्थल पर पुलिस की ओर से मोबाइल जैमर वाली गाड़ी लाए जाने के बाद रोहित पवार ने छात्रों से बातचीत की। उन्होंने आपत्ति जताई कि जैमर के कारण आंदोलन का सीधा प्रसारण प्रभावित हो सकता है। इस दौरान उन्होंने छात्रों को तिलक चौक पर जाने का विकल्प भी सुझाया।

फिलहाल छात्र एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे और 70 हजार पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन का समाधान निकालने के लिए सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।

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