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शेयर बाजार में करोड़ों का मुनाफा दिखाकर 60 वर्षीय व्यक्ति से 15 लाख की ठगी, ऐसे फंसा जाल में

WhatsApp ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया, फर्जी खाते में मुनाफा दिखाया; रकम निकालने पर और पैसे मांगे और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी

राहुल गुप्ता

छत्रपति संभाजीनगर, 7 अक्टूबर।
शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर छत्रपति संभाजीनगर में 60 वर्षीय पर्यावरण सलाहकार से करीब 15 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले WhatsApp ग्रुप में जोड़कर निवेश कराया और ऑनलाइन खाते में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद उनसे लगातार बड़ी रकम निवेश कराई गई और पैसे निकालने की कोशिश करने पर अतिरिक्त रकम जमा करने को कहा गया।

WhatsApp ग्रुप से शुरू हुआ जाल

पुलिस शिकायत के अनुसार, दिशानगरी निवासी पर्यावरण सलाहकार दीपक श्रीनिराव संघई को 31 जुलाई 2026 को ‘ब्राइट फ्यूचर-202’ नामक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें ‘VIP-169’ नाम के दूसरे ग्रुप में शामिल किया गया। यहां शेयर खरीदने-बेचने और अधिक मुनाफा कमाने से जुड़े संदेश भेजे जाते थे।

आरोपियों ने संघई को शेयर बाजार में निवेश से अच्छी कमाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्हें एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा गया। रजिस्ट्रेशन के बाद यूजरनेम और पासवर्ड दिया गया और इसी माध्यम से शेयरों की खरीद शुरू कराई गई।

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खाते में दिखा मुनाफा तो बढ़ता गया निवेश

शुरुआत में कुछ शेयर खरीदने के बाद ऑनलाइन खाते में मुनाफा दिखाई देने लगा। खाते में बढ़ती रकम देखकर संघई को निवेश की प्रक्रिया पर भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग चरणों में उनसे करीब 17 लाख रुपये के शेयर खरीदने के लिए कहा।

इसके बाद उन्हें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO के शेयर 518 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके नाम करीब 90.45 लाख रुपये मूल्य के शेयर आवंटित हुए हैं।

90.45 लाख के शेयर के नाम पर मांगे 45 लाख

शिकायत के मुताबिक, इन शेयरों को हासिल करने के लिए संघई से करीब 42 से 45 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने को कहा गया। जब उन्होंने अपने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो उन्हें पूरी राशि नहीं दी गई।

आरोपियों ने करीब डेढ़ लाख रुपये लौटाए और बाकी रकम निकालने के लिए फिर अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की। इस तरह लगातार नई रकम की मांग किए जाने के बाद संघई को पूरे मामले पर संदेह हुआ।

पैसे देने से इनकार किया तो धमकी का आरोप

जब संघई ने और पैसे देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें कर्ज दिलाने का लालच दिया। कर्ज लेने से इनकार करने के बाद उन्हें लगातार फोन कर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।

इसके बाद संघई ने खुद के साथ ऑनलाइन ठगी होने की आशंका जताते हुए 7 सितंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सातारा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने सान्वी वाधवा को WhatsApp ग्रुप की कथित संचालक के रूप में नामजद किया है। अन्य मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सहायक पुलिस निरीक्षक शैलेश देशमुख मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस WhatsApp ग्रुप, संबंधित वेबसाइट, बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है।

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