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फर्जी APK फाइल से साइबर ठगी करने वाला सॉफ्टवेयर डेवलपर गिरफ्तार

2,805 मालवेयर APK बनाकर साइबर अपराधियों को बेचने का आरोप, देशभर में 9,673 लोगों से ठगी का खुलासा

 

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 05 अक्टूबर।।वरिष्ठ नागरिकों समेत आम लोगों को फर्जी APK फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक आरोपी को मुंबई क्राइम ब्रांच ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 36 वर्ष है और वह पेशे से सॉफ्टवेयर डेवलपर है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अलग-अलग सर्वर का इस्तेमाल कर 2,805 मालिशियस APK फाइलें तैयार की थीं, जिन्हें वह अन्य साइबर अपराधी गिरोहों को बेचता था।

 

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मामले की शुरुआत 13 अगस्त 2026 को हुई, जब 72 वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक ऑफ इंडिया का सीनियर मैनेजर दिनेश कुमार बताया। आरोपी ने वरिष्ठ नागरिक कार्ड बनवाने का झांसा देकर उनका विश्वास जीता और व्हाट्सऐप पर ‘Senior Citizen Card Verification.apk’ नाम की APK फाइल भेजी। इसके जरिए पीड़ित से निजी जानकारी और डेबिट कार्ड की जानकारी भरवाई गई। इसके बाद उनके खाते से कुल 5 लाख 62 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।

 

इस मामले में भायखला पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(क) व 66(ड) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की समानांतर जांच क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल कर रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद आगे की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई और मामले को पुन: दर्ज कर जांच शुरू की गई।

 

तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

 

पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल की गई APK फाइल का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान उसके डेवलपर का पता लगाया गया और मध्य प्रदेश स्थित उसके कार्यालय पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक पेनड्राइव, एक CPU, तीन हार्ड डिस्क, एक वाई-फाई राउटर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए। शुरुआती तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग सर्वर सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के सर्वर का इस्तेमाल कर रहा था।

 

2,805 APK से 9,673 लोगों को बनाया निशाना

 

जांच में पता चला कि आरोपी ने कुल 2,805 मालिशियस APK फाइलें तैयार कर अलग-अलग साइबर अपराधी गिरोहों को बेची थीं। इन APK फाइलों के जरिए देशभर में 9,673 लोगों के साथ साइबर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।

 

साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज शिकायतों के अनुसार देशभर में 1,074, महाराष्ट्र में 143 और मुंबई में 36 शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में कुल करीब 15.75 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

 

पुलिस जांच में अब तक देशभर में 88, महाराष्ट्र में 8 और मुंबई में 5 मामलों का खुलासा भी हुआ है। पुलिस को आशंका है कि तकनीकी जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी के और मामलों का पता चल सकता है।

 

अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

 

यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय और पुलिस उपायुक्त, प्रकटीकरण, क्राइम ब्रांच राज तिलक रौशन के मार्गदर्शन में की गई।

 

सहायक पुलिस आयुक्त सदानंद राणे और प्रॉपर्टी सेल के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक दादा गायकवाड़, सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन जाधव, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रकाश गवली तथा पुलिसकर्मी अमित करपाते, विश्वनाथ पोळ, योगेश गाढवे, निधि नाईक और पश्चिम साइबर पुलिस थाने के पुलिसकर्मी मयूर थोरात ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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