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ओला, उबर और रैपिडो के लिए बड़ा बदलाव, जुलाई 2027 तक 100% इलेक्ट्रिक बाइक जरूरी

महाराष्ट्र सरकार ने बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को पेट्रोल से इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूरी तरह शिफ्ट होने के लिए 9 महीने का समय दिया है।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 5 अक्टूबर। महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी चलाने वाली कंपनियों को अब जुलाई 2027 तक अपना पूरा बेड़ा इलेक्ट्रिक करना होगा। राज्य सरकार ने ओला, उबर, रैपिडो समेत सभी बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स के लिए 100% इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फ्लीट अनिवार्य कर दिया है। परिवहन विभाग ने अक्टूबर में एग्रीगेटर्स और राज्यभर के आरटीओ को पत्र भेजकर चरणबद्ध तरीके से इस नियम को लागू करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने कंपनियों को कुल 9 महीने का संक्रमण समय दिया है। पहले चरण में पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सियों को 6 महीने के भीतर इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना होगा। वहीं, महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम, 2025 के तहत जिन ऑपरेटरों ने अस्थायी या प्रोविजनल लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, उन्हें इसके लिए अतिरिक्त 3 महीने का समय दिया जाएगा।

महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर नियम लागू हैं। राज्य के परिवहन विभाग ने जुलाई 2025 में महाराष्ट्र बाइक-टैक्सी नियम अधिसूचित किए थे।

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एग्रीगेटर्स ने मांगा था ज्यादा समय

बाइक टैक्सी ऑपरेटरों और राइडर्स की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों में अनिवार्य बदलाव को लेकर चिंता जताई गई थी। सितंबर में महाराष्ट्र बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरी तरह EV पर जाने के लिए 18 महीने का समय मांगा था।

एसोसिएशन का कहना था कि ज्यादातर बाइक टैक्सी राइडर निम्न या मध्यम आय वर्ग से आते हैं। ऐसे में एक साथ महंगी इलेक्ट्रिक बाइक खरीदना उनके लिए आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी तथा उपयोग अवधि को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।

एग्रीगेटर्स ने महाराष्ट्र की इलेक्ट्रिक वाहन नीति का हवाला देते हुए 2030 तक का समय मांगा था। हालांकि, सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया और 9 महीने की ही संक्रमण अवधि तय की है।

पेट्रोल-इलेक्ट्रिक 50:50 मॉडल भी हुआ था प्रस्तावित

राज्य सरकार ने पहले पेट्रोल और इलेक्ट्रिक बाइक के 50:50 मिश्रित मॉडल पर भी विचार किया था। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया था कि इस विकल्प पर चर्चा हुई थी, लेकिन मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी नहीं दी।

सरकार की चिंता थी कि अगर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों को साथ चलाने की अनुमति दी गई तो कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने को टाल सकती हैं, क्योंकि उनकी लागत पेट्रोल बाइक की तुलना में अधिक है।

बाइक टैक्सी पर सरकार की सख्ती जारी

यह फैसला ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र सरकार ने अनधिकृत और नियमों का पालन नहीं करने वाली बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए लाइसेंस, सुरक्षा और अन्य शर्तों को लेकर नियामकीय ढांचा लागू किया गया है।

महाराष्ट्र परिवहन विभाग की वेबसाइट पर बाइक टैक्सी नियम, 2025 और संबंधित सरकारी आदेश उपलब्ध हैं।

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