राहुल गुप्ता
गुवाहाटी, 30 सितंबर। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में रिकॉर्डों की झड़ी लग गई। वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को भी बौना साबित कर दिया। कप्तान शुभमन गिल ने 223 रन की नाबाद ऐतिहासिक पारी खेली और भारत ने महज 43.3 ओवर में 406 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। यह वनडे क्रिकेट में भारत का सबसे बड़ा सफल रन चेज बन गया।
भारत का 406 रन का सफल रन चेज वनडे क्रिकेट में 400 या उससे ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करने का सिर्फ दूसरा मौका है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जोहान्सबर्ग में 438 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
कप्तान शुभमन गिल की इस पारी के दम पर टीम इंडिया ने लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली। गिल ने अपनी कप्तानी पारी के दौरान कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने महज 117 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया और वनडे इतिहास में सबसे तेज डबल सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड ईशान किशन के नाम था, जिन्होंने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ 126 गेंदों में दोहरा शतक लगाया था। गिल ने यह रिकॉर्ड नौ गेंद पहले तोड़ दिया।
गिल ने एक पारी में कई रिकॉर्ड किए अपने नाम
गिल ने बतौर भारतीय कप्तान सबसे तेज वनडे शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनकी 223 रन की नाबाद पारी रन चेज में किसी भी भारतीय बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई। सभी तरह के लिस्ट-ए क्रिकेट में भी लक्ष्य का पीछा करते हुए यह सबसे बड़ी नाबाद पारी है।
गिल ने बांग्लादेश के सौम्य सरकार का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने 2019 में ढाका प्रीमियर लीग में लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 208 रन बनाए थे।
इस ऐतिहासिक पारी में गिल को रोहित शर्मा का शानदार साथ मिला। रोहित ने 72 गेंदों में शतक पूरा किया और 101 रन बनाकर आउट हुए। दोनों के बीच 255 रन की साझेदारी हुई। इसके बाद गिल ने विराट कोहली के साथ भी उपयोगी साझेदारी की। कोहली 29 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक भारत जीत की ओर मजबूती से बढ़ चुका था।
वेस्टइंडीज के तीन शतक भी नहीं बचा सके टीम को
इससे पहले वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 406 रन का विशाल लक्ष्य रखा था। जॉन कैम्पबेल ने महज 65 गेंदों में शतक जड़ते हुए भारत के खिलाफ किसी वेस्टइंडीज बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक लगाया। कप्तान शे होप ने 94 गेंदों पर 104 रन बनाए, जबकि आमिर जंगू ने 70 गेंदों में शतक पूरा किया और 77 गेंदों पर 114 रन की पारी खेली।
कैम्पबेल, होप और जंगू के शतकों की बदौलत वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 405 रन बनाए। हालांकि, तीन बल्लेबाजों के शतक के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा। वनडे इतिहास में किसी टीम के एक मैच में तीन बल्लेबाजों के शतक लगाने का यह 11वां मौका था, लेकिन इन 11 मौकों में यह पहला मुकाबला रहा, जिसमें तीन शतक लगाने वाली टीम हार गई।
भारत की ओर से गुरनूर बराड़, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट लिए। कुलदीप यादव ने इस मुकाबले में अपने वनडे करियर के 200 विकेट भी पूरे कर लिए।
811 रन वाले मुकाबले ने भी बनाया रिकॉर्ड
400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाली टीमों की बात करें तो भारत ने भी इस मुकाबले के साथ नया रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने आठ, इंग्लैंड ने सात, ऑस्ट्रेलिया ने तीन, न्यूजीलैंड और श्रीलंका ने दो-दो, जबकि वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे ने एक-एक बार 400 से ज्यादा का स्कोर बनाया था।
गुवाहाटी वनडे सबसे ज्यादा रन वाले वनडे मुकाबलों की सूची में भी शामिल हो गया। इस मैच में कुल 811 रन बने। इससे ज्यादा 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के 434 और दक्षिण अफ्रीका के 438 रन वाले मुकाबले में कुल 872 रन बने थे। 2009 में राजकोट में भारत के 414 और श्रीलंका के 411 रन वाले मुकाबले में 825 रन बने थे। गुवाहाटी वनडे में 811 रन के साथ यह मुकाबला इस सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
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