हरियाणा में Paddy Procurement को लेकर रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार पर सवाल उठाए
उन्होंने धान की कटाई के समय कंबाइन हार्वेस्टर पर पाबंदी और मंडियों की व्यवस्था पर आपत्ति जताई
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 24 सितंबर | Paddy Procurement को लेकर हरियाणा में किसानों की परेशानी पर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार को घेरा।
उन्होंने कटाई के सीमित समय और मंडियों में खरीद प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए।
शाहाबाद में धान खरीद की मांग को लेकर किसानों और पुलिस के बीच टकराव भी हुआ।
सुरजेवाला ने सरकार से किसानों की फसल समय पर खरीदने और MSP सुनिश्चित करने की मांग की।
Paddy Procurement पर सुरजेवाला ने सरकार से पूछे सवाल

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नायब सिंह सैनी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों की पूरी धान खरीदने का दावा कर रही है। दूसरी ओर किसान कटाई और मंडी तक फसल पहुंचाने से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर परेशान हैं।
उनका आरोप है कि किसानों को खेत से मंडी तक कई तरह की प्रशासनिक पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से खरीद व्यवस्था को आसान बनाने की मांग की।
शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग को लेकर किसानों ने 22 सितंबर को प्रदर्शन किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
Paddy Harvesting पर समय सीमा को लेकर उठे सवाल
Paddy Harvesting के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन को लेकर भी सुरजेवाला ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को मौसम के अनुसार फसल काटनी पड़ती है।
सुरजेवाला ने दावा किया कि शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन संचालन पर रोक से किसानों के पास कटाई के लिए सीमित समय बचेगा। उनका कहना है कि इससे मशीनों की मांग बढ़ सकती है और किराया भी प्रभावित हो सकता है।
धान पकने के बाद समय पर कटाई जरूरी होती है। मौसम खराब होने या तेज हवा चलने से खेत में तैयार फसल गिर सकती है। ऐसी स्थिति में किसान को नुकसान होने की आशंका रहती है।
सुरजेवाला ने सरकार से पूछा कि ऐसी स्थिति में नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने खेती की बढ़ती लागत का भी उल्लेख किया।
MSP Procurement को लेकर किसानों की मांग
MSP Procurement इस पूरे विवाद का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। किसान संगठनों ने धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग की थी।
22 सितंबर को कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में किसान प्रदर्शन के दौरान दिल्ली-अंबाला हाईवे की ओर बढ़े। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, किसान मंडियों में पहुंच रही फसल की जल्द खरीद चाहते थे। केंद्र की निर्धारित खरीद अवधि 1 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 है। हरियाणा सरकार ने इससे पहले खरीद शुरू करने के लिए केंद्र से अनुरोध किया था।
बाद में शाहाबाद में किसानों और प्रशासन के बीच सहमति बनी। इसके तहत 24 सितंबर से धान की तौलाई और 25 सितंबर से गेट पास शुरू करने की जानकारी सामने आई।
Paddy Mandi में टाइम स्लॉट और परिवहन पर सवाल
सुरजेवाला ने मंडियों में वाहनों की एंट्री और टाइम स्लॉट व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर किसान के पास अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं होती।
कई किसान फसल मंडी तक पहुंचाने के लिए वाहन किराए पर लेते हैं। यदि तय समय पर एंट्री नहीं मिलती है, तो किसान को अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मंडियों में पर्याप्त स्टाफ और खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों को गेट पास और टोकन समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुचारू होनी चाहिए।
Paddy Procurement के साथ पराली प्रबंधन का मुद्दा
सुरजेवाला ने पराली प्रबंधन से जुड़ी कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि किसानों पर जुर्माने, एफआईआर और जमीन की रेड एंट्री जैसी कार्रवाई का दबाव है।
वहीं, केंद्र ने सितंबर 2026 में पराली जलाने से जुड़े भूमि रिकॉर्ड नियमों का नया मसौदा जारी किया है। इसमें रेड एंट्री की व्यवस्था को बरकरार रखा गया है।
सुरजेवाला का कहना है कि सरकार को किसानों को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई, मंडी और पराली प्रबंधन को एक साथ देखकर व्यावहारिक व्यवस्था बनानी जरूरी है।
“किसान को रोकना नहीं, फसल बिकवाना सरकार का काम”
सुरजेवाला ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी किसान की फसल को समय पर मंडी तक पहुंचाने और खरीद सुनिश्चित करने की है। उन्होंने MSP पर खरीद को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने की अपील की। साथ ही खेत से मंडी तक परिवहन और कटाई से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखने की मांग की।
सुरजेवाला ने कहा कि किसानों की परेशानी का समाधान प्रशासनिक पाबंदियों के बजाय व्यावहारिक व्यवस्था से होना चाहिए। उन्होंने सरकार से खरीद, मंडी व्यवस्था और MSP से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कदम उठाने की मांग रखी।



