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Election Commission Controversy : “हालिया चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाएं”, अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल

Election Commission Controversy: Arvind Kejriwal addresses the issue. Election Commission Controversy: Arvind Kejriwal addresses the issue.
Election Commission Controversy: Arvind Kejriwal addresses the issue.

Election Commission Controversy के बीच अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए
उन्होंने SIR Process को रद्द करने और तीन साल पुरानी Electoral Roll बहाल करने की मांग की

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 23 सितंबर | Election Commission Controversy को लेकर अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मांगें सामने रखीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर कुछ फैसलों को लेकर असहमति दर्ज की गई।
Indian Express के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं।
वहीं चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले एक साल के फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने Election Commission Controversy को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठाए। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हालिया चुनावों में वोटों से जुड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने इन आरोपों के आधार पर कई मांगें भी रखीं।

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केजरीवाल के बयान एक ऐसी रिपोर्ट के बाद आए, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं।

Arvind Kejriwal Raises Questions Over Election Commission's Functioning
Arvind Kejriwal Raises Questions Over Election Commission’s Functioning

Election Commission Controversy  : केजरीवाल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग तीन सदस्यों वाली संवैधानिक संस्था है। उनके अनुसार, फैसले आयोग की बैठक में सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अकेले आदेश जारी किए।

Indian Express की रिपोर्ट में भी चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ आदेशों और फैसलों को लेकर आपत्तियों का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता डेटा तक पहुंच से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

हालांकि, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट के बाद जारी प्रतिक्रिया में इन आरोपों की अलग तस्वीर पेश की। आयोग ने कहा कि अलग-अलग टिप्पणियां और सुझाव संस्थागत प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार, पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से हुए हैं।

Arvind Kejriwal  : SIR Process रद्द करने की मांग

Arvind Kejriwal ने SIR Process को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, SIR के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर हुए।

केजरीवाल ने मांग की कि SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाए। उन्होंने तीन साल पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग भी रखी। साथ ही उन्होंने Form-6 में किए गए बदलावों को वापस लेने की बात कही।

Indian Express की अलग रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के Form-6 में SIR से जुड़े कुछ सवाल जोड़े गए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव की वैधता को लेकर आपत्ति दर्ज की थी।

Electoral Roll  : डेटा एक्सेस को लेकर भी उठे सवाल

Questions Also Raised Over Data Access
Questions Also Raised Over Data Access

Electoral Roll की तैयारी और डेटा तक पहुंच का मुद्दा भी केजरीवाल के बयान का हिस्सा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े अधिकार स्थानीय Electoral Registration Officers से हटाकर केंद्रित किए जा रहे हैं।

Indian Express की रिपोर्ट में भी EROs की पहुंच को लेकर चुनाव आयुक्तों की चिंताओं का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में चुनावी डेटाबेस के केंद्रीकरण और तकनीकी प्रणाली से जुड़े सवाल उठाए गए।

केजरीवाल ने दावा किया कि इससे मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Gyanesh Kumar  : गिरफ्तारी और कार्रवाई की केजरीवाल की मांग

Gyanesh Kumar को लेकर केजरीवाल ने गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोटों से जुड़े बड़े घोटाले का आरोप लगाया और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग रखी।

यह आरोप केजरीवाल की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में सामने आए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ऐसे किसी आपराधिक आरोप का न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। चुनाव आयोग ने भी अपने जवाब में कहा है कि उसके फैसले पूर्ण आयोग की प्रक्रिया के तहत लिए गए।

हालिया चुनाव दोबारा कराने की मांग

केजरीवाल ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले वर्षों में हुए विधानसभा चुनाव रद्द कर दोबारा कराने की मांग भी रखी। Indian Express की रिपोर्ट के बाद यह मांग सामने आई है।

उन्होंने अपने बयान में इसे चुनावी व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आंतरिक टिप्पणियों को निर्णय प्रक्रिया के पूरे संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग ने पिछले एक साल के निर्णयों को पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत प्रक्रिया का परिणाम बताया है।

अब इस विवाद में चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और आगे होने वाली कानूनी या राजनीतिक कार्रवाई पर नजर रहेगी। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों का अंतिम निष्कर्ष संबंधित संस्थागत और कानूनी प्रक्रियाओं से ही स्पष्ट होगा।

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