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Punjab Finance Commission : स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था मजबूत करने पर जोर, 2027 तक रिपोर्ट

Punjab Finance Commission meeting chaired by CM Bhagwant Mann Punjab Finance Commission meeting chaired by CM Bhagwant Mann
Punjab Finance Commission meeting chaired by CM Bhagwant Mann

Punjab Finance Commission की सातवीं बैठक में स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था पर चर्चा हुई
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंचायतों और नगर निकायों की आर्थिक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़ | चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को नवगठित सातवें पंजाब वित्त आयोग के साथ बैठक की। बैठक में ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्थानीय संस्थाओं के लिए मजबूत वित्तीय ढांचे की जरूरत बताई। उन्होंने वित्तीय अनुशासन और टिकाऊ संस्थागत व्यवस्था को स्थानीय शासन के लिए महत्वपूर्ण बताया।

CM Bhagwant Mann during the Punjab Finance Commission meeting
CM Bhagwant Mann during the Punjab Finance Commission meeting

Punjab Finance Commission के साथ वित्तीय ढांचे पर चर्चा

Punjab Finance Commission के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने आयोग की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि आयोग का काम पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति का आकलन करना है। इसके साथ संसाधनों के बंटवारे और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के उपाय भी सुझाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने पारदर्शी, समान और टिकाऊ संसाधन वितरण व्यवस्था की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में जरूरी सेवाओं और स्थानीय स्तर के बुनियादी ढांचे के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है।

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बैठक के दौरान आयोग से स्थानीय निकायों की आय की क्षमता, खर्च की जिम्मेदारियों और वित्तीय जरूरतों का व्यापक आकलन करने को कहा गया। इसके आधार पर व्यावहारिक और भविष्य को ध्यान में रखने वाली सिफारिशें तैयार करने की अपेक्षा जताई गई।

Local Bodies के लिए राजस्व बंटवारे पर फोकस

Local Bodies के लिए आयोग की जिम्मेदारी में राज्य और पंचायतों तथा नगर निकायों के बीच राजस्व के बंटवारे से जुड़े सुझाव शामिल हैं। इसमें राज्य द्वारा लगाए जाने वाले कर, शुल्क, टोल और अन्य राजस्व के संभावित हिस्से पर सिफारिशें की जाएंगी।

आयोग अलग-अलग स्तरों पर पंचायतों और नगर निकायों के हिस्से के आवंटन से जुड़े सुझाव भी देगा। इसके अलावा स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए उपाय सुझाना भी आयोग के काम का हिस्सा है।

बैठक में गैर-उत्पादक राजस्व खर्च को कम करने और प्रशासनिक व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने पर भी चर्चा हुई। पूंजीगत संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए तकनीकी सहायता मजबूत करने से जुड़े सुझाव देने की जिम्मेदारी भी आयोग के दायरे में है।

Fiscal Decentralisation से स्थानीय शासन को वित्तीय आधार

Fiscal Decentralisation को स्थानीय शासन व्यवस्था से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने वित्तीय संसाधनों के उचित हस्तांतरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगर निकायों को अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पर्याप्त वित्तीय क्षमता मिलनी चाहिए।

सातवें पंजाब वित्त आयोग का गठन पंजाब फाइनेंस कमीशन फॉर पंचायत्स एंड म्यूनिसिपैलिटीज एक्ट, 1994 की धारा 3(1) के तहत किया गया है। आयोग की अध्यक्षता पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव के. सिवा प्रसाद कर रहे हैं।

आयोग में शोइकत रॉय को विशेषज्ञ सदस्य बनाया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग और स्थानीय सरकार विभाग के प्रशासनिक सचिव पदेन सदस्य हैं। वित्त विभाग के विशेष सचिव को पदेन सदस्य सचिव बनाया गया है।

Panchayats Municipalities की वित्तीय स्थिति का आकलन

Panchayats Municipalities की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आयोग स्थानीय स्तर पर राजस्व और खर्च की जरूरतों का अध्ययन करेगा। आयोग की सिफारिशों में संसाधनों की उपलब्धता और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन से जुड़े पहलू शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सुझाव देगा।

30 सितंबर 2027 तक रिपोर्ट देने का लक्ष्य

सातवें पंजाब वित्त आयोग को अपनी रिपोर्ट 30 सितंबर 2027 तक देनी है। यह रिपोर्ट 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि को कवर करेगी। आयोग को अपने निष्कर्षों और सिफारिशों के आधार को भी स्पष्ट करना होगा।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, स्थानीय सरकार विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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