3.28 करोड़ नामों का डेटा सार्वजनिक करने की मांग
रीमा सिंह
मुंबई, 22 सितंबर।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने दावा किया कि एसआईआर के तहत राज्य में 3 करोड़ 28 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि संदिग्ध मतदाताओं की पूरी सूची विधानसभा क्षेत्र और बूथवार सार्वजनिक की जाए तथा दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि तीन महीने बढ़ाई जाए।
चुनाव आयोग से जवाब की मांग
सपकाळ के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में विजय वडेट्टीवार, नसीम खान, अमीन पटेल, भाई जगताप, राजेश शर्मा, एडवोकेट संदेश कोंडविलकर और अभिजीत सपकाळ सहित अन्य नेता शामिल थे।
मतदाता आंकड़ों में अंतर पर सवाल
बैठक के बाद सपकाळ ने कहा कि राज्य में पहले मतदाताओं की संख्या 9 करोड़ 78 लाख बताई गई थी। उनके अनुसार, 3 करोड़ 28 लाख नाम हटाए जाने के बाद करीब 6.5 करोड़ मतदाता रह जाते हैं। उन्होंने सरकार के जनसंख्या एवं वयस्क आबादी के आंकड़ों और चुनाव आयोग की मतदाता संख्या में अंतर का मुद्दा उठाते हुए स्पष्टीकरण मांगा।
बूथवार सूची जारी करने पर जोर
सपकाळ ने ‘अनामली’ श्रेणी में करीब 1 करोड़ 22 लाख मतदाताओं के नाम होने का दावा करते हुए कहा कि इन मतदाताओं को नोटिस दिए जाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने सभी संदिग्ध मतदाताओं का डेटा आयोग की वेबसाइट पर विधानसभा क्षेत्र और बूथवार उपलब्ध कराने की मांग की।
दावे-आपत्तियों की अवधि बढ़ाने की मांग
कांग्रेस ने 31 अगस्त से 30 सितंबर तक निर्धारित दावे और आपत्तियों की अवधि को तीन महीने बढ़ाने की मांग की है। सपकाळ का कहना है कि गणेशोत्सव सहित विभिन्न त्योहारों के बीच मौजूदा समयावधि मतदाताओं के लिए पर्याप्त नहीं है।
सूखे पर सरकार से तत्काल राहत की मांग
सपकाळ ने राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति का दावा करते हुए तत्काल सूखा घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की सहायता देने की मांग की। उन्होंने शक्तिपीठ महामार्ग के लिए प्रस्तावित 78 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान का उपयोग किसानों की सहायता के लिए करने की मांग भी की।
भाजपा पर दबाव की राजनीति का आरोप
राहुल बोंद्रे के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए सपकाळ ने भाजपा पर विरोधी नेताओं पर दबाव डालकर पार्टी में शामिल कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की ऐसी कोशिशों का राजनीतिक स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।
साहिल वाकोडे मामले में परिवार के साथ
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का उल्लेख करते हुए सपकाळ ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने मामले में एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किए जाने का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
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