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आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत मामले में सियासत तेज, एनएसयूआई का प्रदर्शन तो कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रोफेसर दूल्ला का किया समर्थन

साहिल वाकोड़े की मौत के बाद एनएसयूआई ने आईआईटी बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन किया, कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद के प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में दिए बयान पर विवाद

राहुल गुप्ता
मुंबई, 21 सितंबर।

आईआईटी बॉम्बे के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोड़े की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। एक ओर छात्र संगठन एनएसयूआई ने संस्थान के बाहर प्रदर्शन कर मामले में कार्रवाई की मांग की, वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में दिए बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रोफेसर दूल्ला को साहिल के माता-पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में नामजद किया गया है और मामले की जांच जारी है।

शमा मोहम्मद ने क्या कहा?

शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह इस मामले में प्रोफेसर दूल्ला के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्र को परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे डांटना या परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहना सामान्य प्रक्रिया हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर छात्र को उसकी जाति के कारण प्रताड़ित किया गया था तो उसे एससी/एसटी विभाग में शिकायत करनी चाहिए थी। शमा मोहम्मद ने कॉलेजों में छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की व्यवस्था किए जाने की जरूरत भी बताई।

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प्रोफेसर दूल्ला पर क्या आरोप हैं?

साहिल वाकोड़े के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को संस्थान में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। परिवार की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर दूल्ला को एफआईआर में नामजद किया है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

प्रोफेसर दूल्ला उस परीक्षा में निरीक्षक की भूमिका में थे, जिसमें साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद साहिल की मौत हो गई थी। हालांकि, छात्र की मौत और प्रोफेसर की भूमिका के बीच संबंध को लेकर जांच अभी जारी है।

आईआईटी बॉम्बे ने दूल्ला को डीन पद से हटाया

छात्रों के विरोध के बीच आईआईटी बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीन के प्रशासनिक पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया। संस्थान की ओर से कहा गया कि आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी। छात्रों की मांग थी कि दूल्ला को केवल डीन पद से हटाने के बजाय प्रोफेसर के पद से भी निलंबित किया जाए।

आईआईटी बॉम्बे ने साहिल की मौत को लेकर अपने पहले बयान पर भी माफी मांगी है। संस्थान ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने तक घटनाक्रम पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

आईआईटी फैकल्टी ने भी किया दूल्ला का समर्थन

प्रोफेसर दूल्ला को लेकर आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने भी उनका समर्थन किया है। फोरम का कहना है कि दूल्ला परीक्षा में अपनी निरीक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे थे और संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उन्होंने मामले की सूचना अधिकारियों को दी थी। फैकल्टी फोरम ने निष्पक्ष जांच की जरूरत पर भी जोर दिया है।

शमा मोहम्मद के बयान पर विरोध

शमा मोहम्मद के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दलित समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई और कांग्रेस पर भी सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन को लेकर शमा मोहम्मद की आलोचना की है।

इस पूरे मामले में एक तरफ छात्र संगठन साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच और संस्थान में बदलाव की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में फैकल्टी का एक वर्ग सामने आया है। इस बीच पुलिस जांच जारी है और साहिल की मौत से जुड़े आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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