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नासिक में 55 पेड़ रातों-रात काटे गए, विज्ञापन होर्डिंग्स के लिए पेड़ हटाने का आरोप; 6 गिरफ्तार

गंगापुर रोड पर डिवाइडर के पेड़ों को होर्डिंग्स के रास्ते से हटाने का आरोप, विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर समेत छह आरोपी गिरफ्तार; कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

राहुल गुप्ता
नासिक, 18 सितंबर।

नासिक के गंगापुर रोड पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जेहान सर्कल और बेंडकुले नगर के बीच सड़क डिवाइडर पर लगे 55 पेड़ों को रातों-रात काट दिया गया। शिकायत मिलने के बाद गंगापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में पेड़ों की कटाई का संबंध स्ट्रीट लाइट पर लगे डबल विज्ञापन होर्डिंग्स से सामने आया है।

आरोप है कि पेड़ों की वजह से विज्ञापन होर्डिंग्स वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके बाद होर्डिंग्स को स्पष्ट रूप से दिखाने के लिए पेड़ों को हटाने का फैसला लिया गया। पुलिस के मुताबिक, इन पेड़ों को काटने के लिए कथित तौर पर सिर्फ 10 हजार रुपये दिए गए थे।

8 से 12 साल पुराने थे पेड़

जिन पेड़ों को काटा गया, उनकी उम्र करीब 8 से 12 साल बताई गई है। इन पेड़ों को गंगापुर रोड के डिवाइडर पर सड़क की छाया और सुंदरता बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया था।

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पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डिवाइडर पर लगे पेड़ों के कारण विज्ञापन बोर्ड दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी एंगल से पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता श्रीकांत इरनाक की शिकायत के आधार पर गंगापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर पर भी आरोप

जांच में एक निजी विज्ञापन एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। संदिग्ध मच्छिंद्र देशमुख को एक निजी विज्ञापन एजेंसी का डायरेक्टर बताया गया है। यह एजेंसी नगर निगम और अन्य निजी संस्थाओं के विज्ञापन का काम करती है।

आरोप है कि मच्छिंद्र देशमुख ने अभिमन्यु खैरनार को विज्ञापन होर्डिंग्स के रास्ते में आ रहे पेड़ों को हटाने के लिए 10 हजार रुपये दिए थे। पुलिस के मुताबिक, पेड़ों को 30 अगस्त की रात करीब 2 बजे से 3:45 बजे के बीच काटा गया।

इस मामले में मच्छिंद्र देशमुख, अभिमन्यु खैरनार और उनके चार अन्य साथियों समेत कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कई धाराओं में दर्ज हुआ केस

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ महाराष्ट्र अर्बन एरिया प्रोटेक्शन एंड प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट, 2021 की धारा 21-1, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस अब पेड़ों की कटाई में शामिल अन्य लोगों और पूरी कार्रवाई के पीछे दिए गए निर्देशों की भी जांच कर रही है।

कुंभ मेले के विकास कार्यों को लेकर पहले से विवाद

नासिक में आगामी कुंभ मेले के विकास कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। यह मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण और हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। ऐसे में गंगापुर रोड पर रात के अंधेरे में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई ने पेड़ों की सुरक्षा और अनुमति प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

डीसीपी मोनिका राउत ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गंगापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। नासिक नगर निगम की ओर से रोड डिवाइडर पर लगाए गए 50 से अधिक पेड़ों को काटे जाने की शिकायत मिली थी। ये पेड़ सड़क पर छाया और सुंदरता बनाए रखने के लिए लगाए गए थे।

उन्होंने बताया कि मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर को भी मुख्य आरोपी के तौर पर हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि डिवाइडर के बीच लगे पेड़ों की वजह से विज्ञापन बोर्ड दिखाई नहीं दे रहे थे। पुलिस ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है।

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