Follow

Disaster Management : चंडीगढ़ में आपदा तैयारियों और Response System की समीक्षा

Disaster Management review meeting in Chandigarh Disaster Management review meeting in Chandigarh
Disaster Management review meeting in Chandigarh

चंडीगढ़ में आपदा तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने के लिए NDMA-NDRF की समीक्षा बैठक आयोजित की गई

उपायुक्त निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लू, शहरी बाढ़, जलभराव, भूकंप और आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 18 सितंबर | चंडीगढ़ में NDMA, NDRF, गृह मंत्रालय और प्रशासन के अधिकारियों ने आपदा तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में SDRF गठन, पुराने भवनों का आकलन, अग्निशमन व्यवस्था, शहरी बाढ़, जलभराव, भूकंप और लू से निपटने की तैयारी पर चर्चा हुई। Emergency Operations Centre को आधुनिक बनाने और ICCC से जोड़ने के साथ GIS आधारित आपदा जोखिम निगरानी प्रणाली अपनाने पर भी विचार किया गया।

Disaster Management Review Meeting Held in Chandigarh
Disaster Management Review Meeting Held in Chandigarh

Disaster Management को लेकर हुई समीक्षा बैठक

चंडीगढ़ में आपदा तैयारियों और प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण निशांत कुमार यादव ने की।

Advertisement

बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कर्नल संजीव साही शामिल हुए। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और गृह मंत्रालय के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इनमें मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

Disaster Management में इन आपदाओं की तैयारियों पर चर्चा

बैठक में Disaster Management से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की गई। लू, शहरी बाढ़ और जलभराव से निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा भूकंप और आग जैसी आपात स्थितियों को लेकर भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मौजूदा प्रतिक्रिया तंत्र और उसकी क्षमता पर विचार किया।

बैठक में पुराने और संवेदनशील भवनों का आकलन करने पर विशेष जोर दिया गया। ऐसे भवनों से जुड़े संभावित जोखिमों की पहचान करने की जरूरत पर चर्चा हुई।

Emergency Response System को मजबूत करने पर जोर

बैठक के दौरान Emergency Response System को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार हुआ।

अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता बताई। इसके लिए अंतर-विभागीय समन्वय को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

आपदा निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य संभावित आपदाओं की स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

SDRF गठन पर रहा मुख्य फोकस

बैठक में SDRF के गठन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। NDMA के प्रतिनिधि ने चंडीगढ़ के लिए राज्य आपदा मोचन बल के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

बैठक में आपदा प्रबंधन संशोधन अधिनियम, 2025 के संदर्भ में SDRF गठन पर चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही गई।

SDRF के गठन से आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने की योजना है। इससे विभिन्न आपात परिस्थितियों में संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई को मजबूत किया जा सकेगा।

Emergency Operations Centre को आधुनिक बनाने की योजना

बैठक में Emergency Operations Centre के आधुनिकीकरण पर भी विचार किया गया। इसे आधुनिक तकनीक और बेहतर निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की योजना पर चर्चा हुई।

EOC को Integrated Command and Control Centre के साथ जोड़ने पर भी विचार किया गया। इससे आपदा से जुड़ी जानकारी और प्रतिक्रिया व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिल सकती है।

अधिकारियों ने GIS आधारित आपदा जोखिम मानचित्रण और निगरानी प्रणाली अपनाने पर भी चर्चा की। इससे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और निगरानी को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

Fire Safety और भवनों की सुरक्षा पर ध्यान

बैठक में आग से जुड़ी आपात स्थितियों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अग्निशमन और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

पुराने और संवेदनशील भवनों का आकलन भी इसी तैयारी का हिस्सा है। ऐसे भवनों की स्थिति और संभावित जोखिमों की जानकारी जुटाने पर चर्चा की गई।

इसके साथ आपदा की स्थिति में संबंधित विभागों की भूमिका को बेहतर तरीके से समन्वित करने की जरूरत बताई गई।

“चंडीगढ़ को तकनीक आधारित आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली बनाना है”

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि चंडीगढ़ मजबूत और तकनीक आधारित आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि Disaster Management के तहत SDRF के गठन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत किया जाएगा।

उपायुक्त ने आधारभूत ढांचे की तैयारी और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि किसी भी आपदा में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।

अधिकारियों ने तैयारियों को लेकर दिए सुझाव

बैठक में चंडीगढ़ पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और प्रशासन के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने विभिन्न आपदाओं को लेकर मौजूदा व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

बैठक में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार हुआ। GIS आधारित प्रणाली को आपदा जोखिम की पहचान से जोड़ने की योजना पर चर्चा की गई।

प्रशासन का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें आपदा के दौरान विभिन्न विभाग एक साथ प्रभावी तरीके से काम कर सकें। इसके लिए Disaster Management से जुड़े बुनियादी ढांचे और प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

यह भी पढ़ें: Model Prison Project : “आधुनिक सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाओं से मजबूत होगी मॉडल जेल व्यवस्था”

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Advertisement
Tap to Refresh