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गणेश विसर्जन के लिए बीएमसी ने 383 से अधिक कृत्रिम तालाब तैयार किए

67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर भी तैयारी पूरी

25 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात

रीमा सिंह

मुंबई ,18 सितंबर।

महाराष्ट्र के राज्य महोत्सव गणेशोत्सव के दौरान गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस वर्ष मुंबई में 383 से अधिक कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं। इसके अलावा स्वराज्यभूमि (गिरगांव चौपाटी), जुहू चौपाटी, पवई तालाब, वरली और दादर समुद्र तट सहित कुल 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

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25 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात

बीएमसी के अनुसार विसर्जन व्यवस्था के लिए 25 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। विसर्जन स्थलों पर 1,194 स्टील प्लेट, 23 जर्मन राफ्ट, 34 क्रेन, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा 498 निर्माल्य कलश, 326 निर्माल्य डंपर, 261 स्वागत कक्ष, 228 नियंत्रण कक्ष और 75 निरीक्षण मीनारें स्थापित की गई हैं। सुरक्षा के लिए 1,132 लाइफगार्ड तथा 6,052 फ्लड लाइट और सर्च लाइट की व्यवस्था की गई है।

‘एक गणपति, एक पेड़’ अभियान

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महापौर रितू तावडे की संकल्पना से इस वर्ष ‘एक गणपति, एक पेड़’ अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत मुंबई में विसर्जित होने वाली गणेश प्रतिमाओं की संख्या के बराबर पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया है। बीएमसी के अनुसार, इस पहल के जरिए गणेशोत्सव के साथ वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी नागरिकों तक पहुंचाया जाएगा।

छह फुट तक की प्रतिमाओं का कृत्रिम तालाब में विसर्जन

बीएमसी ने बताया कि उच्च न्यायालय के 20 अगस्त 2026 के निर्देशों के अनुसार छह फुट तक की ऊंचाई वाली गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में करना अनिवार्य है। इसके लिए मुंबई में 278 स्थानों पर 383 से अधिक कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं। छह फुट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं के लिए 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था की गई है।

गिरगांव चौपाटी पर विशेष व्यवस्था

स्वराज्यभूमि यानी गिरगांव चौपाटी पर बड़ी संख्या में सार्वजनिक और घरेलू गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। इसे देखते हुए यहां 12 कृत्रिम तालाब, 20 निरीक्षण मीनार, 90 अस्थायी शौचालय, 22 राफ्ट, 1,194 जर्मन/स्टील प्लेट, 22 निर्माल्य कलश, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 548 फ्लड लाइट, 11 सर्च लाइट और तीन एंबुलेंस सहित करीब एक हजार कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।

मूर्तिकारों को शाडू मिट्टी और पर्यावरण अनुकूल रंग

पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव को प्रोत्साहित करने के लिए बीएमसी ने शाडू मिट्टी से प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकारों को अब तक 940 मीट्रिक टन से अधिक शाडू मिट्टी नि:शुल्क वितरित की है। इसके अलावा वर्ष 2026 में मूर्तिकारों को 25,400 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंग भी मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं।

विसर्जन मार्गों पर भी तैयारियां पूरी

विसर्जन मार्गों पर 281 स्थानों से बाधा उत्पन्न करने वाली केबल हटाई गई हैं। आगमन और विसर्जन मार्गों पर 506 स्थानों के 4,279 गड्ढों तथा 171 ड्रेनेज कवर की मरम्मत की गई है। इसके अलावा 515 स्थानों पर पेड़ों की छंटाई का काम पूरा किया गया है।

जेलीफिश और स्टिंग रे से सावधानी की अपील

मुंबई के समुद्र तटों पर ब्लू बटन जेलीफिश और स्टिंग रे प्रजाति के समुद्री जीवों की मौजूदगी को देखते हुए बीएमसी ने नागरिकों से विसर्जन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से बीएमसी और पुलिस द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है।

गणेश मंडलों के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण

बीएमसी के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सार्वजनिक गणेश मंडलों के 8 से 10 स्वयंसेवकों को एक दिवसीय प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता आपातकालीन प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें भीड़ प्रबंधन, विद्युत दुर्घटना, आग, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति और प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया।

पर्यावरणपूरक और सुरक्षित उत्सव मनाने की अपील

बीएमसी के उप आयुक्त (परिमंडल-2) तथा गणेशोत्सव समन्वयक प्रशांत सपकाळे ने नागरिकों से सुरक्षित, स्वच्छ, अनुशासित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से गणेशोत्सव मनाने तथा कृत्रिम तालाबों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को प्राथमिकता देने की अपील की है।

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