चंडीगढ़ के सेक्टर-51 स्थित मॉडल जेल में ₹26.73 करोड़ की लागत से अतिरिक्त बैरकों और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने परियोजना का शिलान्यास किया
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 18 सितंबर | Model Prison Project के तहत सेक्टर-51 मॉडल जेल में ₹26.73 करोड़ की लागत से अतिरिक्त बैरक और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना में 552 कैदियों के लिए आवास, प्रशासनिक ब्लॉक, वॉच टावर, सीसीटीवी, अग्निशमन प्रणाली, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, पुनर्वास सुविधाएं, सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

Model Prison Project का चंडीगढ़ में हुआ शिलान्यास
चंडीगढ़ के सेक्टर-51 स्थित मॉडल जेल में अतिरिक्त बैरकों के निर्माण की शुरुआत हो गई है। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को इसका शिलान्यास किया। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹26.73 करोड़ रखी गई है और इसे 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
Model Prison Project के तहत 552 कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ जेल में प्रशासन, सुरक्षा, सुधार और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य जेल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है।
552 कैदियों के लिए अतिरिक्त आवास की व्यवस्था
परियोजना के पूरा होने के बाद मॉडल जेल की आवासीय क्षमता में बढ़ोतरी होगी। 552 कैदियों के लिए अतिरिक्त बैरक बनाए जाएंगे। इसके साथ जेल परिसर में प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाएगा।
इस परियोजना में ग्राउंड प्लस दो मंजिला प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा वॉच टावर के साथ सेंट्रल प्रशासनिक ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा। इससे जेल के प्रशासनिक कामकाज और निगरानी व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक और सुरक्षा सुविधाओं पर रहेगा जोर
Model Prison Project के तहत जेल की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। परियोजना में तीन संतरी पोस्ट और चारदीवारी का निर्माण शामिल है। जेल परिसर में सीसीटीवी निगरानी और LAN कनेक्टिविटी की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
इसके अलावा अग्निशमन प्रणाली और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी। आंतरिक सड़कें और पार्किंग क्षेत्र भी परियोजना का हिस्सा होंगे। इन सुविधाओं से जेल परिसर में आवाजाही और दैनिक प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा।
व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए फैक्ट्री शेड
नई परियोजना में कैदियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास को भी जगह दी गई है। इसके लिए फैक्ट्री शेड का निर्माण किया जाएगा। यहां विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास गतिविधियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसका उद्देश्य कैदियों को उपयोगी कौशल से जोड़ना है। प्रशिक्षण के जरिए उन्हें जेल से बाहर निकलने के बाद समाज में दोबारा शामिल होने के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा। परियोजना में कैदियों के कल्याण से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना है।
पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं भी होंगी शामिल
चंडीगढ़ प्रशासन ने परियोजना में टिकाऊ बुनियादी ढांचे को भी शामिल किया है। नई सुविधाओं में वर्षा जल संचयन और सौर ऊर्जा की व्यवस्था की जाएगी। निर्माण में GRIHA मानकों के अनुरूप पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य जन-स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण को परियोजना के निर्माण में महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
आधुनिक जेल व्यवस्था की दिशा में पहल
Model Prison Project का उद्देश्य केवल अतिरिक्त बैरक तैयार करना नहीं है। परियोजना के तहत प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्वास सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने की योजना है।
परियोजना पूरी होने के बाद मॉडल जेल में अतिरिक्त आवास के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जेल के दैनिक कामकाज और कैदियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है।
चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, सुधार गृहों को आधुनिक बनाने के साथ कैदियों के कल्याण और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। संस्थागत प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
शिलान्यास कार्यक्रम में अधिकारी रहे मौजूद
शिलान्यास कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ और पुलिस महानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हुड्डा शामिल रहे।
इसके अलावा जेल महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, मुख्य अभियंता सी. बी. ओझा और मुख्य वास्तुकार राजीव कुमार मेहता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पुलिस और इंजीनियरिंग विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
परियोजना को निर्धारित 24 महीने की समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद मॉडल जेल में आवास, सुरक्षा, प्रशासन और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।
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