Nasha Mukt Punjab Yatra को लेकर भाजपा नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने सवाल उठाए हैं
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पंजाब में नशे की कथित आमद, जांच और कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़ | Punjab Drug Crisis के मुद्दे पर सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने Nasha Mukt Punjab Yatra पर सवाल किए। उन्होंने हाईकोर्ट की रिपोर्टों, एसआईटी और नशे से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग की।
Nasha Mukt Punjab Yatra को लेकर ग्रेवाल के सवाल
भाजपा की ओर से 18 सितंबर से Nasha Mukt Punjab Yatra शुरू की जानी है। इस यात्रा को लेकर भाजपा नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से जवाब मांगा।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के नशे के संकट को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जांच कराने और पंजाब के लोगों को जवाब देने की मांग की।
भाजपा ने पंजाब में चार यात्राएं निकालने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, ये यात्राएं सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेंगी। अभियान 18 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होगा।
Punjab Drug Crisis पर केंद्र से सवाल
Sukhminderpal Singh Grewal ने सोशल मीडिया के जरिए नशे के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने सीमा पार से नशे की कथित आमद को लेकर केंद्र से जवाब मांगा।
ग्रेवाल ने सवाल किया कि सीमा से 50 किलोमीटर तक का क्षेत्र केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधीन आता है। ऐसे में बाहर से नशा आने की जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने ड्रोन के जरिए नशे की कथित तस्करी का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय क्या कार्रवाई कर रहा है।
ये आरोप और सवाल ग्रेवाल ने उठाए हैं। उनके कुछ आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
Drug-Free Punjab को लेकर ग्रेवाल की टिप्पणी
ग्रेवाल ने कहा कि यात्रा निकालना विपक्ष का काम हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी नशे के खिलाफ कार्रवाई करना है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग नशे के मुद्दे पर स्पष्ट जवाब चाहते हैं। उन्होंने जांच और कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता देने की मांग की।
भाजपा ने अपनी यात्राओं को नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान बताया है। पार्टी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ लामबंद करना है।
हाईकोर्ट की रिपोर्टों का किया जिक्र
ग्रेवाल ने जस्टिस अजीत सिंह बैंस की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने नशे से जुड़े एक बड़े मामले की एफआईआर का भी हवाला दिया।
उन्होंने सवाल किया कि रिपोर्टों और मामलों में आगे कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। ग्रेवाल ने कुछ लोगों के नाम लेते हुए भी आरोप लगाए।
उन्होंने परमिंदर सिंह बराड़ और बोनी अजनाला का नाम लिया। उन्होंने इन लोगों से जुड़े कुछ अन्य दावे भी किए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है।
2015 की यात्रा का भी किया उल्लेख
ग्रेवाल ने अपने 2015 के नशा विरोधी अभियान का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, उस यात्रा में एक हजार से अधिक वाहन शामिल हुए थे।
उन्होंने सवाल किया कि उस समय भाजपा ने उस यात्रा को अपनी यात्रा क्यों नहीं माना। उन्होंने मौजूदा यात्रा के संदर्भ में भी सवाल उठाया।
ग्रेवाल ने कहा कि नशे का मुद्दा केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जांच और कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही।
Punjab Politics में नशे का मुद्दा
नशे का मुद्दा इस समय Punjab Politics में भी चर्चा का विषय है। भाजपा ने अपनी यात्राओं को नशे के खिलाफ जनजागरूकता से जोड़ा है।
पार्टी के अनुसार, चार यात्राएं पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी। इनका कुल मार्ग करीब 4,000 किलोमीटर बताया गया है।
ग्रेवाल ने इसी यात्रा के ऐलान को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं से सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब आने से पहले दिल्ली में बैठकर जांच की जानी चाहिए।
एसआईटी रिपोर्टों का भी किया उल्लेख
ग्रेवाल ने हाईकोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच टीम का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि एसआईटी की चार में से तीन रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी हैं।
उन्होंने इन रिपोर्टों के आधार पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इन मामलों को समझते हैं।
उन्होंने मांग की कि पंजाब में यात्रा शुरू करने से पहले जांच और कार्रवाई की जाए। ग्रेवाल ने नशे के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
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