आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिशा सालियान से उनकी कभी मुलाकात या पहचान नहीं थी, आरोप लगाया कि पिछले 6 साल से राजनीतिक मंशा के तहत उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है
राहुल गुप्ता
मुंबई, 16 सितंबर।
शिवसेना ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मौत मामले को लेकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और न ही उनकी उनसे कोई पहचान थी। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक द्वेष और व्यक्तिगत मंशा के चलते पिछले कई वर्षों से इस मामले में उनका नाम जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अफवाहों का धुंध फैलाने के बजाय वह एक बार फिर सिर्फ तथ्यों की बात कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि दिशा सालियान से उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई और न ही वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे।
छवि खराब करने का लगाया आरोप
आदित्य ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक मंशा और व्यक्तिगत द्वेष के कारण कुछ लोग पिछले 6 वर्षों से बार-बार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से उनका नाम जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का कोई सबूत या संबंध नहीं है।
उन्होंने टीवी चैनलों पर होने वाली चर्चाओं को भी निशाना बनाया और कहा कि शोर मचाकर की जाने वाली झूठी चर्चाएं और मीडिया ट्रायल सच्चाई को नहीं बदल सकते।
निष्पक्ष जांच की मांग
आदित्य ठाकरे ने आधिकारिक जांच एजेंसियों से बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के मामले की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को बिना किसी बाधा और चरित्र हनन के आरोपों से अलग निष्पक्ष तरीके से मामले की दोबारा जांच करने दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो लोग यह समझते हैं कि चरित्र हनन और झूठे प्रचार के जरिए उन्हें चुप कराया जा सकता है, वे गलतफहमी में हैं। आदित्य ठाकरे ने कहा कि सत्य और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
दिशा सालियान के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने हाल में दावा किया था कि उनके पास आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डीनो मोरिया, सचिन वाजे, परमबीर सिंह और रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।
वहीं, सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने दिशा सालियान के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया है। ओझा ने दावा किया कि दिशा के पास आदित्य ठाकरे और उनसे जुड़े लोगों की कथित अवैध गतिविधियों से संबंधित सबूत थे, जिनमें ड्रग्स कारोबार और बाल तस्करी के आरोप शामिल हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिशा का मोबाइल 9 से 17 जून 2020 के बीच आरोपियों के कब्जे में रहा।
इन आरोपों की जांच और सत्यता का निर्धारण संबंधित जांच एजेंसियों के स्तर पर होना है।
सीबीआई एफआईआर पर वकील का बयान
दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद निलेश ओझा ने कहा कि यह कार्रवाई सतीश सालियान के बयान के आधार पर हुई है। उन्होंने दावा किया कि बयान में दिशा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
ओझा ने आगे दावा किया कि दिशा के पास कथित तौर पर कुछ लोगों की अवैध गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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