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राज्य की समृद्ध संस्कृति, फिल्मी विरासत और जीवंत पहचान का भव्य प्रदर्शन
चंडीगढ़ , 21 नवंबर। हरियाणा ने गोवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ऑफ इंडिया (IFFI) 2025 की ओपनिंग परेड में अपनी पहली शानदार राज्य झांकी प्रस्तुत की। आईएफएफआई ने इस वर्ष पारंपरिक उद्घाटन समारोह की जगह एक आकर्षक और भव्य 'सड़क परेड' का आयोजन किया, जिसने दर्शकों को भारतीय संस्कृति और सिनेमा के रंगों से सराबोर एक अनोखा “चलित उत्सव” प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि 20 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाला यह नौ-दिवसीय प्रतिष्ठित महोत्सव में फ़िल्म-बाज़ार सहित अनेक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।
सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग के महानिदेशक के.एम. मकरंद पांडुरंग के दिशा निर्देशन में “नॉन स्टॉप फिल्मी हरियाणा” झांकी तैयार की गई। हरियाणा की इस झांकी ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर झांकी में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सिनेमा में हरियाणा, लोकेशन्स को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। हरियाणा की झांकी को लेकर देशी-विदेशी पर्यटक काफी आकर्षित नजर आए।
“नॉनस्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम के साथ झांकी में दर्शाया गया कि हरियाणा ऐसा प्रदेश है जहाँ कहानियाँ मिट्टी में अंकुरित होती हैं और कला फसलों की खुशबू में अपना सौंदर्य संवारती है।
फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की रचनात्मक शक्ति के प्रतीक के रूप में संस्कृति, अपने लोगों और अपनी आवाज़ को दुनिया के सामने नए अंदाज़ में प्रस्तुत करती नज़र आई। कैमरे से निकलती सुनहरी किरणें राज्य की रचनात्मक चेतना, ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनीं। डिजिटल स्क्रीन पर उभरती झलकियों में हरियाणा की विरासत, पर्यटन, लोक-संस्कृति, थिएटर-कला और फिल्मांकन स्थलों की अनोखी दुनिया एक ही परदे पर जीवंत दिखाई दी।
झांकी में हरियाणा की फिल्म नीति का प्रभावी संदेश भी प्रदर्शित किया गया। झांकी में प्रदर्शित किया गया कि किस तरह गाँव की चौपालों से निकली कहानियाँ आज विश्व के बड़े परदों तक पहुँच रही हैं। नीचे लहलहाते सरसों के सुनहरे खेत हरियाणा की समृद्ध परंपरा और इस मिट्टी में जन्म लेने वाली कहानियों की अनंत यात्रा के प्रतिबिंब की कहानी कहते नज़र आए।
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