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Haryana Ring Road : 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

Haryana Ring Road Project Haryana Ring Road Project
Haryana Ring Road Project

हरियाणा में बढ़ते शहरी ट्रैफिक को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है
एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर नई रिंग रोड बनाई जाएंगी

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़,  12 सितंबर | Haryana Ring Road योजना के तहत हरियाणा सरकार ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और बाईपास विकसित करने की दिशा में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल बाईपास से जुड़े कार्यों को स्वीकृति दी। प्रस्तावित परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हिसार बाईपास को प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य मार्गों से जोड़ा जाएगा। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।

Haryana Ring Road Project
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Haryana Ring Road  : हिसार से सोहना-पलवल तक कई परियोजनाओं को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने हिसार बाईपास, कुरुक्षेत्र बाईपास और नारनौल सिटी बाईपास को मंजूरी दी।
इसके साथ जींद बाईपास और सोहना-पलवल बाईपास के निर्माण को भी स्वीकृति मिली।
सरकार इन परियोजनाओं को व्यापक सड़क नेटवर्क का हिस्सा बना रही है।

हिसार बाईपास को हिसार-राजगढ़ रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा।
यह सड़क हिसार-दिल्ली रोड तथा हिसार-कैथल रोड से भी संपर्क बनाएगी।
इससे शहर के भीतर आने वाले यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

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Haryana Ring Road  : कुरुक्षेत्र और नारनौल में भी काम तेज होगा

कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना पर जल्द काम शुरू किया जा सकता है।
नारनौल सिटी बाईपास की लंबाई करीब 11 किलोमीटर होगी।
इसे राष्ट्रीय राजमार्ग 148बी से जोड़ने की योजना है।

सरकार बाहरी रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए नई नीति भी तैयार करेगी।
यह नीति केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार की जाएगी।
इसका उद्देश्य शहरों और कस्बों में ट्रैफिक दबाव को कम करना है।

Haryana Ring Road  : 9,700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं

इन प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जींद के बाहरी हिस्से में रिंग रोड और बाईपास विकसित किया जाएगा।
इसके साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 352 के चार मार्गीय हिस्से का निर्माण होगा।

सोहना-पलवल बाईपास को भी नए डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग 919 से जुड़ा यह बाईपास करीब 24 किलोमीटर लंबा होगा।
इसे चार मार्गीय सड़क के रूप में तैयार करने की योजना है।

DND-Faridabad-Ballabhgarh : जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे

डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक से जोड़ा जाएगा।
इसके आगे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से संपर्क विकसित करने की योजना है।
यह कनेक्टिविटी जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच आसान करेगी।

इस परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
साथ ही दिल्ली क्षेत्र से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच का वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा।

Haryana Ring Road  : करनाल और अंबाला में भी काम जारी

करनाल रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि हिस्सेदारी जमा कराई जा चुकी है।
इससे परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाला रिंग रोड निर्माणाधीन है।
सरकार के अनुसार, इस काम को जल्द पूरा किया जाएगा।
इसके पूरा होने से दोनों प्रमुख हिस्सों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा।

तीन विभागों की कमेटी करेगी वित्तीय समन्वय

बैठक में केंद्र के लागत हिस्से को लेकर तीन सदस्यीय समिति बनाई गई।
इस समिति में वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी निकाय विभाग शामिल हैं।
समिति केंद्र और राज्य के वित्तीय हिस्से से जुड़े मामलों पर काम करेगी।

सरकार का प्रयास परियोजनाओं की मंजूरी से लेकर निर्माण तक बेहतर समन्वय बनाए रखना है।
इससे सड़क परियोजनाओं में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी मिलने की उम्मीद है।

हरियाणा में कई अतिरिक्त सड़क कार्यों को भी मंजूरी

सरकार ने कुछ अन्य सड़क और अंडरपास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।
सिरसा में सिविल स्टेशन रोड पर रेलवे अंडरपास बनाया जाएगा।
यह अंडरपास रेवाड़ी-भटिंडा रेलवे लाइन पर प्रस्तावित है।

इसके अलावा कई ग्रामीण सड़कों के अतिरिक्त कार्यों को भी स्वीकृति दी गई।
इनमें कनीना-महेंद्रगढ़ रोड से अनावास तक सड़क कार्य शामिल है।
ढाणी राजावास स्कूल से बलाना तक लिंक रोड भी शामिल है।

खातोद से बुड़ीन, निम्भेड़ा और बलैचा तक लिंक सड़कें भी विकसित की जाएंगी।
महेंद्रगढ़-बुचौली रोड और नांगवास-अटेली सड़क के अतिरिक्त कार्य मंजूर हुए हैं।

शहरों के बाहर बनेगा नया सड़क नेटवर्क

सरकार का फोकस अब शहरों के बाहरी हिस्सों में सड़क नेटवर्क मजबूत करने पर है।
नई रिंग रोड और बाईपास से शहरों के भीतर जाम कम करने में मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं से लंबी दूरी के यातायात को वैकल्पिक रास्ते मिल सकते हैं।

जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख शहरों के बीच आवागमन को भी इससे लाभ मिल सकता है।
अब इन परियोजनाओं की अगली प्रक्रिया और निर्माण कार्य पर निगाह रहेगी।

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