केंद्र की मंजूरी से Delhi PWD Engineering Cadre का 30 साल पुराना इंतजार खत्म हुआ
3,214 पद अलग कैडर में आएंगे
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 10 सितंबर | Delhi PWD Engineering Cadre को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। 3,214 इंजीनियरिंग पद अलग कैडर में शामिल होंगे। इससे Delhi PWD को नियुक्तियों, इंजीनियरों की तैनाती और PWD Projects की निगरानी में अधिक नियंत्रण मिलेगा। नई व्यवस्था से दिल्ली Infrastructure Development को गति मिलने और जवाबदेही मजबूत होने की उम्मीद है।

केंद्र ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के Delhi PWD Engineering Cadre प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले से दिल्ली के बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली पीडब्ल्यूडी के 3,214 इंजीनियरिंग पद अलग किए जाएंगे।
ये पद 36 अलग-अलग श्रेणियों में शामिल हैं।
अब ये पद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के कैडर से अलग होंगे।
इन पदों को स्वतंत्र दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर में शामिल किया जाएगा।
30 साल से लंबित था मामला
दिल्ली में अलग इंजीनियरिंग कैडर की मांग करीब 30 वर्षों से लंबित थी।
अब केंद्र की मंजूरी के बाद इस व्यवस्था को लागू करने का रास्ता साफ हुआ है।
अब तक दिल्ली पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग सेवाएं केंद्रीय कैडर पर काफी निर्भर थीं।
नियुक्तियों से जुड़े कई फैसले केंद्रीय व्यवस्था के तहत होते थे।
इससे दिल्ली की स्थानीय जरूरतों के अनुसार फैसले लेने में देरी हो सकती थी।
नए PWD Engineering Cadre से इस समस्या को दूर करने की कोशिश होगी।
रेखा गुप्ता ने फैसले का स्वागत किया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया है।
उन्होंने इसे दिल्ली के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली की Delhi Infrastructure जरूरतें काफी अलग हैं।
राजधानी में सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों का लगातार विकास जरूरी है।
इंजीनियरिंग व्यवस्था होगी मजबूत
नए कैडर से दिल्ली सरकार को इंजीनियरों पर अधिक प्रशासनिक नियंत्रण मिलेगा।
सरकार खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा सकेगी।
जरूरत के अनुसार अधिकारियों की तैनाती भी की जा सकेगी।
परियोजनाओं की निगरानी और इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।
इससे Engineering Posts के प्रबंधन में भी सुधार की उम्मीद है।
नई व्यवस्था दिल्ली की स्थानीय समस्याओं को समझने वाली टीम तैयार करेगी।
बड़े विकास कार्यों को मिलेगा समर्थन
दिल्ली सरकार कई बड़े Infrastructure Development प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी कर रही है।
इनमें नया सचिवालय और सभी 11 जिलों में मिनी सचिवालय शामिल हैं।
इसके अलावा मंडियों और खेल मैदानों से जुड़े काम भी प्रस्तावित हैं।
सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए भी लगातार इंजीनियरिंग सहायता जरूरी होगी।
नया कैडर इन PWD Projects की योजना और निगरानी मजबूत कर सकता है।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
सरकार के अनुसार यह फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा।
इससे सार्वजनिक निर्माण कार्यों में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास होगा।
निर्माण कार्यों में कमी मिलने पर जिम्मेदारी तय करना आसान हो सकता है।
अधिकारी के तबादले के बाद भी जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था मजबूत होगी।
इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और निगरानी बेहतर होने की उम्मीद है।
दिल्ली को मिलेगा अधिक नियंत्रण
केंद्र की मंजूरी के बाद Delhi PWD को स्वतंत्र इंजीनियरिंग व्यवस्था मिल सकेगी।
सरकार को उम्मीद है कि इससे विभाग अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।
परियोजनाओं की योजना, निर्माण और निगरानी में बेहतर समन्वय हो सकेगा।
इससे दिल्ली के Infrastructure Development को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है।
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