दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त आवास की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कदम तेज किए हैं
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक की
बैठक में छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास विकसित करने के विकल्पों पर चर्चा हुई
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 10 सितंबर | दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने डीडीए को उपयुक्त जमीन की जल्द पहचान करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से बातचीत कर नए मास्टर प्लान के प्रावधानों के तहत हॉस्टल विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।

Delhi Student Accommodation पर LG का फोकस
उपराज्यपाल ने दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आवास व्यवस्था की समीक्षा की।
उन्होंने छात्रों के लिए उपयुक्त जमीन तलाशने को प्राथमिकता देने को कहा।
जमीन की पहचान के बाद ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
इसका उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराना है।
उपराज्यपाल ने डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवाना कुमार से भी मुलाकात की।
यह बैठक लोक निवास में हुई।
इस दौरान छात्रों के वैकल्पिक आवास से जुड़े विकल्पों पर विचार किया गया।
DDA को विश्वविद्यालयों से बातचीत के निर्देश
उपराज्यपाल ने डीडीए को विश्वविद्यालय अधिकारियों से संपर्क करने को कहा।
इस दौरान नए मास्टर प्लान में हॉस्टल से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा होगी।
इन प्रावधानों के आधार पर छात्र आवास विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
प्रशासन का फोकस ऐसे स्थानों की पहचान पर है।
जहां छात्रों के लिए व्यवस्थित आवास सुविधाएं विकसित की जा सकें।
इससे निजी पीजी और किराये के मकानों पर निर्भरता कम हो सकती है।
Delhi Police को छात्रों से संवाद बढ़ाने के निर्देश
उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
पुलिस को पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले छात्रों से संवाद बढ़ाना होगा।
खासकर छात्र बहुल इलाकों में नियमित संपर्क स्थापित करने को कहा गया है।
पुलिस अधिकारियों को छात्रों की सुरक्षा संबंधी समस्याएं पहचानने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा अपराध और उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
महिला सुरक्षा और आवास से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा होगी।
Police Action Report 20 सितंबर तक
पुलिस अधिकारियों को अपने स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
जहां मामला नागरिक एजेंसियों से जुड़ा होगा, वहां समन्वय किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है।
यह रिपोर्ट 20 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत करनी होगी।
दिल्ली पुलिस ने इसके बाद सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
थाना प्रभारी और सहायक पुलिस आयुक्त छात्रों से नियमित संवाद करेंगे।
इन अधिकारियों को छात्र बहुल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होगा।
PG और किराये के आवास की सुरक्षा
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र पीजी और किराये के मकानों में रहते हैं।
ऐसे आवासों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
प्रशासन अब छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रहा है।
पुलिस छात्रों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर समझने की कोशिश करेगी।
जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों को भी जानकारी दी जाएगी।
इस व्यवस्था से सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।
Student Safety को लेकर समन्वित प्रयास
उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद पुलिस और नागरिक एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ेगा।
आवास से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई होगी।
सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी स्थानीय स्तर पर दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन की कोशिश छात्रों के लिए सुरक्षित आवास और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था बनाने की है।
आने वाले दिनों में जमीन की पहचान और कार्ययोजना पर आगे कार्रवाई होगी।
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