19 सितंबर के उद्घाटन समारोह से पहले जापान में आइची-नागोया एशियन गेम्स की तैयारियां तेज, बढ़ते बजट के बीच अनोखे विकेंद्रीकृत मॉडल से आयोजन की तैयारी
Rahul Gupta
नागोया, 4 सितंबर।
जापान में 20वें एशियाई खेलों यानी आइची-नागोया 2026 की तैयारियां 19 सितंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह से पहले अंतिम और अहम चरण में पहुंच गई हैं। टोक्यो 1958 और हिरोशिमा 1994 के बाद जापान तीसरी बार इस महाद्वीपीय खेल आयोजन की मेजबानी कर रहा है। हालांकि, नागोया गेम्स का आयोजन पिछले संस्करणों से काफी अलग तरीके से किया जा रहा है।
लागत में कटौती के कड़े उपायों के बावजूद आयोजन का बजट बढ़कर करीब ¥140।5 बिलियन यानी 927 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसी वजह से स्थानीय आयोजकों ने बड़े पैमाने पर नए निर्माण प्रोजेक्ट्स के बजाय विकेंद्रीकृत ढांचा अपनाया है। हालांकि अधिकारी तैयारियों को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन खेलों की शुरुआत से कुछ ही हफ्ते पहले लॉजिस्टिक्स और संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
खेल गांव की जगह क्रूज शिप और अस्थायी आवास
शुरुआत में एक पुराने रेसट्रैक पर पारंपरिक खेल गांव बनाने की योजना थी। लेकिन निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण आयोजकों को अपना फैसला बदलना पड़ा। बजट बचाने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए एक अनोखा मॉडल तैयार किया गया है।
करीब 4,000 से 5,000 एथलीट और अधिकारी नागोया बंदरगाह पर खड़े ‘कोस्टा सेरेना’ लग्जरी क्रूज जहाज में रहेंगे। वहीं, करीब 2,400 प्रतिभागियों के लिए नागोया बंदरगाह के गार्डन पियर पर अस्थायी आवास तैयार किए गए हैं।
इन आवासों में लकड़ी के शिपिंग कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया है। खेलों के बाद इन्हें आपदा राहत इकाइयों में बदले जाने की योजना है।
टाइफून और सुनामी का खतरा बनी चुनौती
एशियाई खेल प्रशांत क्षेत्र में टाइफून के मौसम के दौरान आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में क्रूज जहाज पर ठहरे हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर आपातकालीन निकासी योजना पर सवाल उठ रहे हैं।
आयोजकों के सामने खास चुनौती उस स्थिति में होगी, जब आयोजन के दौरान भीषण टाइफून या सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदा आती है। ऐसी स्थिति में क्रूज जहाज से लोगों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।
बढ़ता बजट और भागीदारी का दबाव
आयोजन का शुरुआती बजट 2016 के अनुमानों की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। इसके साथ ही प्रतिभागियों की संख्या भी अनुमान से कहीं ज्यादा हो गई है।
शुरुआत में करीब 15,000 एथलीट और अधिकारियों के शामिल होने का अनुमान था, लेकिन रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़कर 17,000 से ज्यादा हो गई। इससे आयोजन समिति और ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के बीच भी मतभेद की स्थिति बनी।
आइची के गवर्नर और आयोजन समिति के अध्यक्ष हिदेआकी ओमुरा ने कहा कि देर से हुए रजिस्ट्रेशन को संभालने के लिए पर्याप्त मैनपावर और बजट उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, ओसीए ने पुष्टि की है कि जुलाई की डेडलाइन से पहले रजिस्टर हुए सभी एथलीटों के लिए कमरे उपलब्ध करा दिए गए हैं। वहीं, अंतिम समय में अपनी टीम में बदलाव करने वाले देशों को अतिरिक्त होटल और रहने की व्यवस्था का खर्च खुद उठाने के लिए कहा गया है।
54 वेन्यू में होंगे 43 खेल
नए स्टेडियम बनाने के बजाय नागोया ने मौजूदा क्षेत्रीय खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया है। खेलों का मुख्य केंद्र 30,000 सीटों वाला नया पालोमा मिजुहो स्टेडियम होगा।
इस स्टेडियम में उद्घाटन और समापन समारोह के साथ ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। हालांकि, 43 खेलों को 54 वेन्यू में आयोजित करने की योजना ने ऑपरेशनल चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
इनमें से कुछ वेन्यू टोक्यो और ओसाका तक फैले हुए हैं। इससे खिलाड़ियों की आवाजाही, परिवहन और अन्य लॉजिस्टिक्स को लेकर खेल महासंघों की चिंताएं सामने आई हैं।
क्रिकेट वेन्यू को लेकर BCCI और PCB की चिंता
क्रिकेट प्रतियोगिताओं के लिए निशिन कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में नया क्रिकेट ग्राउंड तैयार किया गया है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस वेन्यू को लेकर चिंता जताई है।
आयोजकों ने क्रिकेट टीमों के लिए सेंट्रल नागोया के होटलों में ठहरने की व्यवस्था की है। ऐसे में खिलाड़ियों को होटल से मैच वेन्यू तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
आलोचकों का कहना है कि इस वेन्यू पर खिलाड़ियों के लिए टॉप-लेवल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने भी माना है कि तैयारियों के लिए उसके पास शुरुआत से सुविधाएं विकसित करने के लिए सिर्फ 17 महीने का समय था।
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