SIR के तहत नाम के आगे दर्ज है ‘परमानेंटली शिफ्टेड’, चड्ढा ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप; AAP ने कहा- प्रक्रिया में सरकार की कोई भूमिका नहीं
Rahul Gupta
चंडीगढ़, 4 सितंबर।
चुनाव आयोग की ओर से पंजाब में चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी हटा दिया गया है। 13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में उनके नाम के आगे ‘परमानेंटली शिफ्टेड’ यानी स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने की जानकारी दर्ज की गई है।
पंजाब में SIR प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 20।66 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। राघव चड्ढा ने अपना नाम हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
राघव चड्ढा बोले- मेरा वोटर ID मोहाली में रजिस्टर्ड
राघव चड्ढा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका वोटर आईडी मोहाली, पंजाब में रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘शिफ्टेड’ यानी दूसरी जगह चले गए व्यक्ति के तौर पर दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि अभी यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, अंतिम सूची नहीं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है और इसी दौरान नामों में सुधार किया जा सकता है। उनके मुताबिक अंतिम वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में प्रकाशित होगी।
चड्ढा ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
राघव चड्ढा ने कहा कि वह SIR की गाइडलाइंस के तहत अपने नाम को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। उन्होंने इस मामले को महज क्लर्क की गलती मानने से इनकार किया।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनका वोटर आईडी मोहाली में पंजीकृत है तो उन्हें स्थायी रूप से स्थानांतरित कैसे दिखाया जा सकता है।
AAP ने पूछा- पंजाब में 20 लाख नाम कटने का जिम्मेदार कौन?
राघव चड्ढा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी पलटवार किया। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि चड्ढा के पुराने बयानों को देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब आम आदमी पार्टी में रहते हुए चड्ढा SIR के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जाने के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार बताते थे, तो अब पंजाब में करीब 20 लाख नाम हटाए जाने की जिम्मेदारी किसकी है।
हरपाल चीमा ने कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति केंद्र सरकार करती है और इस प्रक्रिया में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
अमन अरोड़ा बोले- प्रक्रिया में सरकार का कोई लेना-देना नहीं
आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में संशोधन की प्रक्रिया चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार चल रही है और इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि बिहार और बंगाल में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें बड़ी संख्या प्रवासी मतदाताओं की है और राघव चड्ढा का नाम भी इसी प्रक्रिया में हटाया गया है।
AAP ने चड्ढा पर लगाया बैकडेटेड रजिस्ट्रेशन का आरोप
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से 3 अगस्त को एक्स पर किए गए पोस्ट में दावा किया गया कि एक राष्ट्रीय अंग्रेजी अखबार ने चड्ढा को दिल्ली में पिछली तारीख की प्रक्रिया के जरिए अपना वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश करते हुए पकड़ा था।
AAP ने आरोप लगाया कि अब राघव चड्ढा इस पूरे मामले का दोष आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
12 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का मौका
चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके पास 12 सितंबर 2026 तक अपना दावा दर्ज कराने का मौका है।
मतदाता इस अवधि में फॉर्म 6 भरकर वोटर लिस्ट में अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में राघव चड्ढा भी निर्धारित समयसीमा के भीतर फॉर्म 6 के जरिए अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने का दावा पेश कर सकते हैं।
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