कम बारिश के बीच किसानों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए बड़े निर्देश
तृप्ति भटनागर
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद इस बार अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में वर्षा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रीगणों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों, जलस्रोतों और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल मानसून सक्रिय है और आगे भी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन को कम बारिश और अतिवृष्टि, दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार तुरंत कार्रवाई की जाए।

कम पानी वाली फसलों पर जोर
कम बारिश की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को ऐसी फसलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिनमें कम सिंचाई की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि किसानों को मौसम और उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसल चयन के लिए आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चना फसल के लिए पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसानों को आगामी फसल की तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो।
तालाबों और जलस्रोतों की लगातार निगरानी
बारिश की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के तालाबों और प्रमुख जलस्रोतों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहां प्रशासन पहले से आवश्यक सावधानियां बरते और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था पर भी नजर रखी जाए, ताकि बारिश का पानी आबादी वाले क्षेत्रों में जमा होकर लोगों के लिए परेशानी न बने।
बाढ़ वाले क्षेत्रों में कंट्रोल रूम रहें एक्टिव
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाढ़ की स्थिति बन रही है या संभावित रूप से बन सकती है, वहां जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। जिला स्तर के साथ-साथ राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहें और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन को मौसम और जलस्तर की स्थिति के अनुसार पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
3.46 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही मूंग खरीदी की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब तक 2.35 लाख किसानों से 3.46 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की जा चुकी है।
उन्होंने अधिकारियों को मूंग खरीदी में गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों की ओर से मिलने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बारिश की स्थिति से पैदा होने वाली किसी भी चुनौती से किसानों और आम नागरिकों को सुरक्षित रखना है। इसके लिए प्रशासन को सतर्कता, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के साथ काम करना होगा।
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