सीवरेज और मैनहोल सुरक्षा में लापरवाही पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा सख्त
सुरक्षा नियम तोड़ने वाले अधिकारियों की होगी जवाबदेही, पूरे प्रदेश में निगरानी के लिए 7 समितियां बनेगी: मंत्री रणबीर गंगवा
मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी देने के भी निर्देश
अब निर्धारित सुरक्षा उपकरणों और नियमों का पालन किए बिना किसी भी कर्मचारी को सीवरेज या मैनहोल में उतरने की अनुमति नहीं
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 29 जुलाई। हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने सीवरेज और मैनहोल से जुड़े कार्यों में सामने आने वाली दुर्घटनाओं और लापरवाही के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की जान सुरक्षा उपायों की अनदेखी के कारण जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बकायदा इसके लिए अहम फैसले लेते हुए निर्देश दिए है कि हरियाणा में निगरानी के लिए 7 समितियां बनाई जाएं। प्रत्येक समिति में मुख्य अभियंता, संबंधित सर्कल के अधीक्षण अभियंता और संबंधित मंडल के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शामिल होंगे। ये समितियां नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण करेंगी, सुरक्षा इंतजामों की जांच करेंगी और अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यालय भेजेंगी, जिसे तुरंत मंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निरीक्षण निष्पक्ष और प्रभावी रहे, इसके लिए मुख्य अभियंताओं को उनके वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र से अलग सर्कलों की जिम्मेदारी दी जाए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में इस प्रकार की जो घटनाएं हुई हैं, वो दुखद है। भविष्य में विभागीय स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी में कोई कमी ना रहे, इसके लिए सख्ती की बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी की जान की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि बिना सभी निर्धारित सुरक्षा उपकरणों और नियमों का पालन किए किसी भी कर्मचारी को सीवरेज या मैनहोल में उतरने की अनुमति नहीं दी जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि 23 जून को हरियाणा जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (डब्ल्यूएसएसबी) की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस विषय पर विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सीवरेज और मैनहोल से जुड़े हर कार्य में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आई है, जिसमें ठेकेदार अथवा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि खुले सीवरेज मैनहोल के कारण भी हादसे होने की सूचनाएं उन तक पहुंची है। मैनहोल को सुरक्षित ढंग से बंद कराना विभाग की जिम्मेवारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी कोई मैनहोल या सीवरेज ओपनिंग खुली न रहे और इसकी नियमित निगरानी की जाए।
मंत्री ने कहा कि कई मामलों में विभागीय अधिकारी दुर्घटना होने के बाद समय पर प्रारंभिक रिपोर्ट, तथ्य जांच रिपोर्ट, कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) और संबंधित फाइलें मुख्यालय तक नहीं भेजते। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं होगी। किसी भी घटना की जानकारी और रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय भेजना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
सभी डीसी को भी दिए निर्देश
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि वे अपनी मासिक समीक्षा बैठकों में मैनहोल और सीवरेज से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन की नियमित समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार के निर्देशों और इस संबंध में जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश है, उनकी अक्षरशः पालन हो।
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