गिरफ्तार आरोपियों को उनके हैंडलर गोल्डी ढिल्लों ने पंजाब में एक कारोबारी को निशाना बनाने का काम सौंपा था:डीजीपी गौरव यादव
गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर चलाई गोलियां: एसएसपी एस.ए.एस. नगर हरमनदीप हंस
चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर, 12 नवंबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए, गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ) पंजाब ने एस.ए.एस. नगर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान के दौरान अंबाला-डेरा बस्सी हाईवे के घग्गर पुल पर हुई गोलीबारी के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से जुड़े दो गुर्गों को गिरफ्तार कर बड़ी गैंगस्टर साज़िश को नाकाम कर दिया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहाली के मोटेमाजरा निवासी शरणजीत सिंह, जो वर्तमान में टंगौरी (मोहाली) में रह रहा था, और अमन कुमार निवासी खिजरगढ़, ज़ीरकपुर (मोहाली) के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से दो .32 बोर की पिस्तौलें और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा उनका बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल, जिस पर वे सवार थे, भी ज़ब्त कर लिया गया है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दोनों आरोपी पिछले महीने राजपुरा में हुई गोलीबारी की घटना में शामिल थे। उन्होंने कहा कि गोल्डी ढिल्लों ने उक्त आरोपियों को पंजाब में एक कारोबारी को निशाना बनाने का कार्य सौंपा था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि विदेशी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों इस वर्ष अक्टूबर में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एबॉट्सफ़ोर्ड शहर में एक भारतीय मूल के उद्योगपति की दिनदहाड़े हुई हत्या का भी मास्टरमाइंड था।
डीआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, और आरोपी अमन के खिलाफ हथियारों से संबंधित अपराधों में दो एफआईआर दर्ज हैं।
ऑपरेशन के विवरण साझा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप हंस, जो एसपी (ग्रामीण) मनप्रीत सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे, ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सक्रिय गुर्गों की गतिविधियों के बारे में खुफिया सूचना प्राप्त हुई थी।
एसएसपी ने कहा कि सतर्कता के साथ कार्रवाई करते हुए, डीएसपी डेरा बस्सी बिक्रमजीत बराड़ के नेतृत्व में एजीटीएफ और एस.ए.एस. नगर पुलिस की संयुक्त टीमों ने आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पार्टी पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं और दोनों आरोपियों को गोली लगी।
इस संबंध में बीएनएस की धारा 109, 132, 221 और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 324, दिनांक 12/11/2025, थाना डेरा बस्सी, एस.ए.एस. नगर में केस दर्ज किया गया है।
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