दो बार बुआई का खर्च व्यर्थ जाने से आर्थिक संकट में था किसान, नेर क्षेत्र में घर में फांसी लगाकर दी जान
राहुल गुप्ता
यवतमाल, 20 सितंबर। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के नेर क्षेत्र में सोयाबीन की फसल अंकुरित नहीं होने से परेशान 40 वर्षीय किसान कापेर मंगूलाल पवार ने आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि किसान के पास करीब पांच एकड़ कृषि भूमि थी और इस साल दो बार सोयाबीन की बुआई करने के बावजूद फसल नहीं उगने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था।
दो बार बुआई के बाद भी नहीं उगी सोयाबीन
जानकारी के अनुसार, आर्जती खाकी पारधी बस्ती में गुरुवार रात करीब 11 बजे कापेर मंगूलाल पवार ने आत्महत्या कर ली। उनके पास करीब पांच एकड़ स्वामित्व वाली कृषि भूमि थी।
इस वर्ष खरीफ सीजन में उन्होंने अपने खेत में दो बार सोयाबीन की बुआई की थी। हालांकि, दोनों बार बीजों का अपेक्षित अंकुरण नहीं हुआ। लगातार दो बार बुआई करने के बाद भी फसल नहीं उगने से खेती पर किया गया खर्च व्यर्थ चला गया।
फसल खराब होने से आर्थिक परेशानी बढ़ी
लगातार फसल नहीं उगने के कारण कापेर पवार आर्थिक परेशानी में आ गए थे। दोबारा बुआई में हुआ खर्च भी वापस नहीं निकल पाया और सोयाबीन की फसल से होने वाली संभावित आय पर भी संकट खड़ा हो गया।
परिजनों और आसपास के लोगों के अनुसार, फसल के नहीं उगने को लेकर वह काफी चिंतित थे। इसी बीच गुरुवार रात उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
किसान की मौत से परिवार में मातम
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक की लहर फैल गई। परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत से परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
खेती में लगातार नुकसान के बीच सामने आई इस घटना ने किसान परिवारों की आर्थिक परेशानियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। किसान की आत्महत्या से जुड़ी परिस्थितियों की स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है।
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