मोदी सरकार के नए लेबर कोड मजदूरों की गर्दन पर तलवार, 'आप' मेहनतकशों और किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 11 फरवरी 2026 : आम आदमी पार्टी ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी 2026 को बुलाए गए देशव्यापी भारत बंद को अपना पूर्ण समर्थन देने का एलान किया है। पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार की मजदूर-विरोधी लेबर नीतियों और किसान-विरोधी आर्थिक फैसलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब समेत पूरे देश में 'आप' के कार्यकर्ता मजदूरों और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस बंद में शामिल होंगे।
पार्टी प्रवक्ताओं ने बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने नए लेबर कोड लागू करके मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला किया है। इन नए कोड्स से नौकरी की सुरक्षा घटाई गई है, कानूनी संरक्षण की धाराएं कमजोर की गई हैं और मालिकों को भर्ती व छंटनी में बेलगाम छूट दी गई है, जिससे करोड़ों मेहनतकश लोगों के अधिकार और हित खतरे में पड़ गए हैं। किसान संगठनों का इस बंद को समर्थन देना साबित करता है कि भाजपा की आर्थिक नीतियों ने सिर्फ मजदूरों को ही नहीं बल्कि किसानों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा मजदूरों, किसानों और आम लोगों के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर लड़ती रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर, किसानों की गेहूं-धान की फसल की समय पर खरीद करके और आम लोगों को मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं व शिक्षा जैसी सुविधाएं देकर साबित किया है कि वास्तव में लोगों की बात करने वाली पार्टी कौन सी है।
पार्टी ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अडानी-अंबानी जैसे चहेते कॉरपोरेट्स के मुनाफे के लिए मजदूरों के अधिकार छीन रही है। नए लेबर कोड के तहत मालिकों को बिना किसी जवाबदेही के मजदूरों को निकालने की खुली छूट दे दी गई है और किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं दिया जा रहा है। इसीलिए 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों को मिलकर भारत बंद का आह्वान करना पड़ा है।
आम आदमी पार्टी ने पंजाब और देश भर के सभी मजदूरों, किसानों, दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे 12 फरवरी के भारत बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाएं। पार्टी ने कहा कि यह बंद किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि करोड़ों मेहनतकश लोगों के स्वाभिमान, इंसाफ और अधिकारों की लड़ाई है और आम आदमी पार्टी इस लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़ी है।
पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि यदि भाजपा सरकार ने मजदूरों और किसानों की जायज मांगें नहीं मानीं तो आम आदमी पार्टी अगले चरण के संघर्ष में भी मेहनतकश लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।