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हरियाणा के मेहनती युवाओं को किया जा रहा है वंचित : राव नरेंद्र सिंह

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न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़ : PGT कंप्यूटर साइंस शिक्षक भर्ती को लेकर हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया में 1711 पदों पर सिर्फ 39 हरियाणा के युवा चयनित किए गए। उन्होंने HPSC पर हरियाणवी युवाओं को जानबूझकर बाहर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि PGT कंप्यूटर साइंस शिक्षक भर्ती  ने हरियाणा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1711 पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया में महज 39 अभ्यर्थियों का क्वालीफाई करना न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है, बल्कि यह हरियाणा के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी दर्शाता है। 

प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने  कहा कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि हरियाणवी युवाओं को जानबूझकर अयोग्य ठहराने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा सरकार भर्तियों के नाम पर युवाओं को ठगने का काम कर रही है।

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राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि जब हरियाणा के युवा UPSC जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाएं पास कर सकते हैं, तो फिर HPSC की परीक्षाओं में उन्हें इस तरह बड़े पैमाने पर फेल किया जाना साफ तौर पर भर्ती प्रक्रिया की नीयत पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च पदों पर हरियाणा के युवाओं को या तो जानबूझकर फेल किया जा रहा है, या फिर बाहर के लोगों को मौका दिया जा रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस भर्ती में 97 प्रतिशत से अधिक रिजेक्शन रेट को “युवाओं के सपनों पर सीधा वार” और “भाजपा सरकार का शर्मनाक फेलियर” करार दिया। उन्होंने कहा कि कटऑफ जानबूझकर असामान्य रूप से बहुत ऊंची रखी गई, ताकि स्थानीय युवाओं को बाहर किया जा सके और उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया जा सके।
राव नरेंद्र सिंह ने HPSC चेयरमैन, जो हरियाणा से बाहर के हैं, को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि आयोग की कमान किसी हरियाणवी अधिकारी को सौंपी जानी चाहिए, जो प्रदेश के युवाओं की पीड़ा और हक को समझ सके। इसके साथ ही उन्होंने पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की।

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि HPSC आज “हरियाणा फर्स्ट” की नीति पर नहीं, बल्कि “रिजेक्शन पॉलिसी” पर काम कर रहा है।

भाजपा सरकार में न तो पारदर्शिता बची है और न ही युवाओं के प्रति संवेदनशीलता।

राव नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस अन्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी हरियाणा के युवाओं के हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

 

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