जेल में स. बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की
न्यूज़म ब्यूरो
नाभा / चंडीगढ़, 29 जनवरी : शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगंवत मान केंद्र सरकार के दबाव के आगे झूक गए हैं और सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के माध्यम से हरियाणा को पानी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

अकाली दल अध्यक्ष ने जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता स. बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस मुलाकात के दौरान उन्होने बताया कि अकाली नेता का मनोबल बहुत उंचा है और उन्हे केवल इसीलिए तंग किया जा रहा क्योंकि उन्होने पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए आम आदमी पार्टी के खिलाफ आवाज उठाई थी।

यह स्पष्ट करते हुए सरदार बादल ने कहा कि पार्टी अपने नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जाने से नही डरती है। उन्होने कहा कि 2027 में अकाली दल सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे सभी मामलों की जांच के लिए एक कमिशन का गठन करेगी। उन्होने आगे कहा,‘‘ इन झूठे मामलों को दर्ज करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।’’

पंजाब की नदियों के पानी से समझौता करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा करते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘ यह बेहद चैंकाने वाली बात है कि भगवंत मान ने अपने हरियाणा समकक्ष के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में हमारी नदियों का पानी हरियाणा को सौंपने पर सहमति जताई कि एक बार हरियाणा को दिया जाने वाला पानी तय हो जाने के बाद राज्य एसवाईएल नहर का निर्माण करेगा।’’
यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री राज्य के पानी को हरियाणा में हस्तांतरित करने के लिए मीटिंगें कर रहे हैं, अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ सरदार परकाश सिंह बादल ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट भी उन्हें हरियाणा में पानी छोड़ने का निर्देश देता है, तो भी वह एसवाईएल नहर से एक बूंद भी पानी नही देंगें।’’

उन्होने कहा कि सरदार परकाश सिंह बादल इसे लेकर इतने स्पष्ट थे कि उन्होने उस जमीन को गैर-अधिसूचित कर दिया जिस पर एसवाईएल नहर खड़ी थी और उसे किसानों को वापिस कर दिया।

उन्होने कहा,‘‘ अब पूर्ववर्ती शिरोमणी अकाली दल सरकार द्वारा अपनाए गए दृढ़ रूख को समझौते की नीति से कमजोर किया जा रहा है, जिसे स्वयं आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2017 में स्पष्ट किया था, जब उन्होने एसवाईएल नहर से हरियाणा और दिल्ली को पानी हस्तांतरित करने की मांग की थी और यहां तक कि अदालत में हलफनामा भी दायर किया था।’’

सरदार बादल ने मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है और मुख्यमंत्री पंजाबियों को निराश कर रहे हैं। उन्होने कहा कि भगवंत मान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने यां किसी अन्य समस्या के लिए पर गृहमंत्रियों पर दोष लगाने के शौकीन थे, लेकिन अब उनहोने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से छोड़ दी है।

उन्होने कहा,‘‘ पिछले बीस दिनों में 25 से अधिक लोग गुंडों और असामाजिक तत्वों के हाथों अपनी जान गवां चुके हैं। पंजाब में कोई नया निवेश नही आ रहा है और उद्योग राज्य से पलायन कर रहा है।’’सरदार बादल ने स्पष्ट किया कि अगली अकाली दल सरकार 2027 में राज्य में सरकार बनने के बाद गैंगस्टरों के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए एक ठोस नीति लेकर आएगी।
