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न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 28 जनवरी : पंजाब के राज्यपाल तथा यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज चंडीगढ़ के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के भावनात्मक एवं मानसिक कल्याण को सुदृढ़ करने तथा छात्र आत्महत्याओं की रोकथाम के उद्देश्य से पायलट मानसिक स्वास्थ्य पहल परियोजना ‘SAATHI’ का शुभारंभ किया।

परियोजना ‘SAATHI’ को चंडीगढ़ प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग तथा चंडीगढ़ सिटीज़न्स फ़ाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से पायलट परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। इस पहल में जीएमसीएच और पीजीआईएमईआर के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ-साथ शिक्षकों, परामर्शदाताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का तकनीकी सहयोग शामिल है।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासक ने मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों को आधुनिक समय की “मौन महामारी” बताया, जो विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के छात्र केवल शैक्षणिक दबाव ही नहीं, बल्कि भावनात्मक उपेक्षा, पारिवारिक तनाव, बुलिंग, अत्यधिक स्क्रीन समय, साथियों का दबाव और परीक्षा संबंधी चिंता जैसी समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं, जो प्रायः अनदेखी रह जाती हैं।

प्रशासक ने इस बात पर बल दिया कि मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त करने में संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि सामाजिक कलंक सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने छात्रों और परिवारों से पेशेवर सहायता को खुलकर अपनाने का आह्वान किया।
यह पायलट पहल समग्र दृष्टिकोण अपनाती है, जिसमें शिक्षकों और विद्यालय प्रधानाचार्यों का संवेदनशीलता प्रशिक्षण, परामर्शदाताओं के कौशल संवर्धन तथा विद्यालयों में योग, ध्यान, खेल, जीवन कौशल शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों का समावेश किया गया है। नियमित वेलनेस सत्र और सहकर्मी सहभागिता गतिविधियाँ एक सुरक्षित, सहयोगी और भावनात्मक रूप से सुदृढ़ विद्यालयी वातावरण के निर्माण में सहायक होंगी।

इस अवसर पर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा चंडीगढ़ सिटीज़न्स फ़ाउंडेशन के महासचिव जे.एम. बालमुरुगन ने परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि ‘SAATHI’ कक्षा 7, 8, 9 और 11 के छात्रों के लिए छह माह की पायलट परियोजना है, जिसका उद्देश्य किशोरों में आत्मविश्वास, सहनशीलता और स्वस्थ तनाव-प्रबंधन कौशल विकसित करना है।
चंडीगढ़ सिटीज़न्स फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) वी.पी. मलिक ने कहा कि यह फ़ाउंडेशन नागरिकों के नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण और ‘विकसित भारत’ के विज़न में योगदान देने के लिए एक छत्र संगठन के रूप में कार्य कर रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग और चंडीगढ़ सिटीज़न्स फ़ाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासक ने कहा कि ऐसे प्रतिबद्ध संगठनों के सक्रिय सहयोग से चंडीगढ़ को देश के लिए एक आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पायलट परियोजना ‘SAATHI’ भविष्य में देशभर के विद्यालयों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर सकती है।
चंडीगढ़ सिटीज़न्स फ़ाउंडेशन (सीसीएफ) को विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान हेतु एक सशक्त मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो समावेशन, सौहार्द, करुणा, संस्कृति और सतत जीवन जैसे मूल्यों से प्रेरित है। नागरिक नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से यह विविध हितधारकों को साथ लाकर सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने तथा संतुलित, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने का प्रयास करता है, विशेष रूप से चंडीगढ़ क्षेत्र पर केंद्रित रहते हुए।

इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद; पंजाब के राज्यपाल के प्रधान सचिव वी.पी. सिंह; गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़; शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी; चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा चंडीगढ़ सिटीज़न्स फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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