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हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की मुहिम में साथ आई एसएसीसी संस्था*

पंचकूला, नवंबर 6:  हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण की मुहिम  को आगे बढ़ाते हुए पंचकूला जिला में आज एक संस्था के सहयोग से 'उड़ान' कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन पंचकूला की अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव  ने किया।
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*अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव  ने  किया पंचकूला 'उड़ान' कार्यक्रम का शुभारंभ*
 
 *उड़ान' कार्यक्रम पंचकूला जिले में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम: अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव*
 
पंचकूला, नवंबर 6:  हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण की मुहिम  को आगे बढ़ाते हुए पंचकूला जिला में आज एक संस्था के सहयोग से 'उड़ान' कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन पंचकूला की अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव  ने किया।
 
हरियाणा राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर  को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अत्यंत संभावनाएँ हैं। इसी क्रम में, पंचकूला जिला अब स्वरोजगार शुरू करने व सरकारी उद्योग योजनाओं का लाभ उठाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दे रहा है।
 
इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम लेते हुए एसएसीसी संस्था ने डीएलएफ के संस्थापक के पी सिंह की फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘उड़ान’ कार्यक्रम की शुरुआत की जिसका शुभारंभ पंचकुला की अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव के द्वारा किया गया।
 
'उड़ान' हरियाणा प्रदेश में अगले एक साल में कम से कम 10,000 महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करते हुए, 2,000 महिलाओं को उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय स्वतंत्रता में प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसके पहले चरण में उन महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिनके पास व्यावसायिक विचार, घर-आधारित गतिविधियाँ या छोटे उद्यम हैं, जिनमें कारीगरों और होम शेफ से लेकर ब्यूटीशियन, सेवा प्रदाताओं और अन्य होमप्रेन्योर शामिल हैं।
 
अपने विचार साँझा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव ने कहा की  यह कार्यक्रम महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल सफल महिला उद्यमी बनाएगा, बल्कि  समाज के लिए महत्वपूर्ण रोल मॉडल बनकर उभरेगा । 
 
यह कार्यक्रम नए उद्यम बनाकर, गरीबी कम करके और महिला स्नातकों के लिए महिला श्रम बल भागीदारी दर  व महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई की संख्या बढ़ाकर यूनाइटेड नेशंस के प्रमुख सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर जिले के प्रदर्शन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने का काम करेगा। 

 
 

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