एनएचएआई ने लगातार 24 घंटे में 28.95 लेन किलोमीटर सड़क बिछाई, बना पहला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
10675 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट के उपयोग ने बनाया दूसरा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
पुट्टापर्थी / दिल्ली : भारत ने हाईवे निर्माण के क्षेत्र में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो गति, गुणवत्ता और समन्वय—तीनों का वैश्विक मानक बन सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-544G) पर मात्र 24 घंटे में 28.95 लेन-किलोमीटर सड़क बिछाकर और 10,675 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट का उपयोग कर दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किए। यह ऐतिहासिक उपलब्धि 6 जनवरी 2026 को पुट्टापर्थी के पास वणवलु–वंकरकुंटा सेक्शन पर हासिल की गई। 24 घंटे में 29 किमी सड़क केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारत के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर आत्मविश्वास की तस्वीर है, जहाँ गति के साथ गुणवत्ता और प्रतिबद्धता भी बराबरी से चलती है।

आधिकारिक पुष्टि और राज्य सरकार का संदेश
इस रिकॉर्ड उपलब्धि की पुष्टि आंध्र प्रदेश उपमुख्यमंत्री कार्यालय (Deputy CMO, Andhra Pradesh) ने सोशल मीडिया मंच X पर करते हुए कहा कि “आंध्र प्रदेश गति, गुणवत्ता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।” पोस्ट में NHAI और एम/एस राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त प्रयासों की सराहना की गई, जिसने 24 घंटे की निरंतर प्रक्रिया में यह असाधारण लक्ष्य हासिल किया।

कौन, कैसे और किस मानक पर
परियोजना का निष्पादन राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने किया, जो NHAI के इंजीनियरों, मशीन ऑपरेटरों और श्रमिक टीमों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय में काम करता रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड की दौड़ में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया।
निर्माण के दौरान तापमान नियंत्रण, कम्पैक्शन मानक, सतह की समरूपता, परतों की मोटाई और सामग्री की एकरूपता जैसे तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन हुआ। क्वालिटी कंट्रोल टीमों ने 24 घंटे साइट पर रहकर NHAI दिशानिर्देशों के अनुरूप सघन जांच की।
टीमवर्क…इस सफलता की असली ताकत
इंजीनियरों, सुपरवाइजरों, मशीन ऑपरेटरों, लॉजिस्टिक्स स्टाफ और निर्माण श्रमिकों ने शिफ्टों में काम कर बिटुमिनस कंक्रीट की निर्बाध आपूर्ति और भारी मशीनरी का लगातार संचालन सुनिश्चित किया। अधिकारियों ने इसे डेंस बिटुमिनस मैकाडम स्तर, लेयर थिकनेस और सामग्री की अखंडता बनाए रखने के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया।

…प्रतिक्रिया नेतृत्व की
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस उपलब्धि को “भारत और आंध्र प्रदेश के लिए गर्व का क्षण” बताते हुए इसे विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक निर्णायक कदम कहा। उन्होंने देशभर में हाईवे विकास के उच्च मानक स्थापित करने में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व की भी सराहना की।
आगे की योजना…रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड
NHAI ने घोषणा की है कि इसी इकोनॉमिक कॉरिडोर के अन्य हिस्सों पर 11 जनवरी 2026 तक दो और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के प्रयास जारी हैं—उद्देश्य है निर्माण गति को बनाए रखते हुए गुणवत्ता और सुरक्षा के वैश्विक मानक स्थापित करना।
कॉरिडोर का सामरिक और आर्थिक महत्व
भारत माला फेज-II के तहत विकसित हो रहा यह छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे लगभग 518–624 किलोमीटर लंबा है, जिसमें ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड—दोनों खंड शामिल हैं। यह आंध्र प्रदेश के गुंटूर, प्रकाशम, कुरनूल और कडप्पा जिलों से होकर कर्नाटक की ओर बढ़ता है।
पूरा होने पर अमरावती से बेंगलुरु की यात्रा 11–12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स दक्षता, व्यापार, निवेश, पर्यटन और क्षेत्रीय एकीकरण को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। शहरी जाम से दूर अलाइनमेंट से सुरक्षा और निर्बाध आवागमन भी सुनिश्चित होगा।
विश्लेषण : रिकॉर्ड के पार की कसौटी
विशेषज्ञ मानते हैं कि रिकॉर्ड-सेटिंग उपलब्धियाँ प्रेरक हैं, पर दीर्घकालिक सफलता मेंटेनेंस, पर्यावरणीय संतुलन, भूमि अधिग्रहण की निष्पक्षता, सड़क सुरक्षा और टिकाऊ डिज़ाइन पर निर्भर करेगी। फिर भी, यह उपलब्धि भारत की तेज़, अनुशासित और तकनीकी रूप से सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण क्षमता का सशक्त प्रमाण है—जो वैश्विक निवेशकों और साझेदारों के लिए भी एक भरोसेमंद संकेत है।