प्रदर्शनकारियों से भी उलझ पड़े थे एसएचओ
लखनऊ। निष्कासित छात्रों द्वारा की गई मारपीट के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने पर हसनगंज प्रभारी निरीक्षक चितवन कुमार के खिलाफ लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के अंदर बनी चौकी के बाहर छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया, आरोप है कि मौके पर पहुंचे हसनगंज प्रभारी निरीक्षक चितवन कुमार ने भी जब छात्रों से बदतमीजी करना शुरू कर दिया तो छात्रों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। करीब 3 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मान-मनौव्वल के बाद मामला निपट पाया है।
धरने पर बैठे छात्रों का कहना था कि बीते दिनों 20 दिसंबर 2025 को परीक्षा देकर सुभाष हॉस्टल वापस लौट रहे छात्र पर लाठी डंडे व चाकू से हमला कुछ लोगों ने किया था, जिसके बाद पीड़ित छात्र ने लिखित तहरीर दिया था, जिस पर पुलिस द्वारा बीते दिनों से अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस से परेशान होकर पीड़ित छात्र विश्वविद्यालय चौकी के सामने अपने साथियों के साथ धरने पर बैठ गया, छात्रों के धरने पर बैठने की वजह से मामला काफी बिगड़ गया और काफी संख्या में छात्र बढ़ रहे थे।
इसी बीच मौके पर पहुंचे हसनगंज थाना प्रभारी भी छात्रों से उलझ पड़े। बताया जाता है कि गुस्साए छात्रों ने उन्हें दौड़ा लिया। मौके पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो राकेश द्विवेदी ने किसी तरह से मामला संभाला और छात्रों और पुलिस को अलग-अलग किया। धरने पर बैठे छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगा डाले। करीब 3 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों और प्राक्टोरियल टीम के सदस्यों के आश्वासन के बाद मामला खत्म किया जा सका।