नारी शक्ति वंदन अधिनियम विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देगा : शारदा प्रजापति
न्यूज़म ब्यूरो
पंचकूला, 11 अप्रैल। श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकूला की सचिव शारदा प्रजापति ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। सितंबर 2023 में पारित यह संवैधानिक संशोधन लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करता है। यह अधिनियम महज महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को अधिक समावेशी, संतुलित और सशक्त लोकतंत्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए शारदा प्रजापति ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं कार्यबल और नेतृत्व में आगे बढ़ती हैं, तो आर्थिक विकास तेज होता है, आय असमानता घटती है और समाज अधिक समावेशी बनता है।
शारदा प्रजापति ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन आया है, उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों गैस कनेक्शन, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर पानी, स्वच्छ भारत मिशन से स्वच्छता, तथा वित्तीय समावेशन के जरिए करोड़ों महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, राजनीतिक भागीदारी के क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ी है। आज देश में लगभग 48.62% मतदाता महिलाएं हैं और हाल के चुनावों में उनकी भागीदारी पुरुषों से भी अधिक रही है।
शारदा प्रजापति ने कहा, स्थानीय स्तर पर पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी (लगभग 46%) ने यह सिद्ध किया है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो शासन अधिक संवेदनशील और जन-केंद्रित बनता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलती है, जिससे आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने कहा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम केंद्र सरकार का ऐतिहासिक पहल है, जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देगा।