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महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा : आरती सिंह राव

सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पीपीपी मोड पर करवाया  जाएगा : आरती सिंह राव

चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर होगा

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 2 जून। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य फ़ोकस राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर है। आज चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रबंधन को बेहतर करने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सौंपा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सुरक्षा को बेहद मजबूत करना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी कंसलटेंट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

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आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा। इस नामकरण के लिए उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस नामकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रयासों से हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान और संघर्षों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह मेडिकल कॉलेज न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत भी बनेगा, जिससे वे देश सेवा के प्रति प्रेरित होंगे।

राज्य के नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता सभी जिलों में गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिशन (बाल रोग विशेषज्ञ) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उनका मुख्य फोकस सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं और बच्चों को उनके घर के नजदीक ही इलाज की सुविधाएं प्रदान करना है।

उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने करीब 104.16 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए हैं। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य में 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसमें ग्रामीण और कस्बा स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के लिए 597 उप-स्वास्थ्य केंद्र, 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 111 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर शामिल हैं।

मरीजों को आधुनिक सुविधाएं और सस्ती दवाएं देने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हृदय रोगियों की सहूलियत के लिए राज्य के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा आम जनता को सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 जिला अस्पतालों में ‘अमृत फार्मेसी’ स्थापित की गई हैं। इन फार्मेसियों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं भी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं।

पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ग्रीन एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में अब सरकारी अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, और हरियाणा सरकार भी इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है।

 

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