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हरियाणा के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त : आरती सिंह राव

चंडीगढ़, 31 दिसंबर : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च जोखिम सॉल्वेंट्स एवं एक्सीपिएंट्स के मामले में औद्योगिक-ग्रेडस को अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री एवं ट्रांसपोर्ट के मामले में नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। अगर किसी भी निर्माता ने उलंघन किया तो उसका लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है और उसके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।  

 

फ़ूड एंड ड्रगस एडमिनिस्ट्रेशन हरियाणा के स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के दिशा निर्देशों के अनुसार जन-स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक-ग्रेडस उच्च जोखिम सॉल्वेंट्स एवं एक्सीपिएंट्स के दुरुपयोग को रोकने और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी हरियाणा स्टेट फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के माध्यम से प्रदेश के सभी फार्मास्युटिकल निर्माता, व्यापारी, आयातक एवं वितरकों को सूचित की गई है।

 

उन्होंने बताया कि यह निर्देश 22 दिसंबर 2025 को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO), प्रवर्तन प्रभाग, महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं, भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुपालन में जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक-ग्रेड उच्च जोखिम सॉल्वेंट्स की बिना पर्याप्त सुरक्षा के बिक्री से जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है और इससे दवा आपूर्ति श्रृंखला की गुणवत्ता व सुरक्षा प्रभावित होती है।

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एडवाइजरी के अनुसार, सभी उच्च जोखिम औद्योगिक सॉल्वेंट्स के कंटेनरों पर स्पष्ट और पढ़ने योग्य रूप में “NOT FOR PHARMACEUTICAL USE (फार्मास्युटिकल उपयोग के लिए नहीं)” अंकित करना अनिवार्य होगा। यह चेतावनी बिक्री बिल, डिलीवरी चालान एवं अन्य सभी लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों पर भी प्रमुखता से दर्शाई जाएगी।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च जोखिम सॉल्वेंट्स एवं एक्सीपिएंट्स की खुली (लूज़) बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। इन उत्पादों की बिक्री केवल मूल, सीलबंद और टैम्पर-प्रूफ कंटेनरों में ही की जाएगी, जिन पर पूर्ण लेबलिंग एवं बैच-ट्रेसबिलिटी से संबंधित जानकारी उपलब्ध होनी अनिवार्य है।

 

गोयल ने कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध सख्त नियामकीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस का निलंबन या रद्दीकरण तथा कानूनी अभियोजन भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और फार्मास्युटिकल क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। यह निर्देश पूरी तरह से जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के हित में जारी किए गए हैं।

 

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