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चंडीगढ़ में एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण संबंधी गतिविधियों की हुई समीक्षा : मंदीप बराड़

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न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 10 अप्रैल 2026 : चंडीगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (CSACS) की 59वीं कार्यकारी समिति की बैठक आज सचिव स्वास्थ्य, यू.टी. चंडीगढ़ मंदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र शासित प्रदेश में एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण से संबंधित चल रही गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। विशेष रूप से एचआईवी के साथ जीवन यापन कर रहे व्यक्तियों (PLHIV) को चंडीगढ़ के एआरटी (ART) केंद्रों से जोड़ने पर बल दिया गया। कम प्रदर्शन वाले संकेतकों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मूल कारणों का विश्लेषण किया गया तथा कार्यक्रम की प्रभावशीलता बढ़ाने हेतु ठोस रणनीतियों की पहचान की गई।

सचिव स्वास्थ्य यू.टी. चंडीगढ़ मंदीप सिंह बराड़ ने निर्देश दिए कि दूसरे “95” लक्ष्य की प्राप्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि सभी चिन्हित PLHIV को शीघ्र एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़ा जा सके तथा उन्हें उपचार में बनाए रखा जा सके। साथ ही, नव-निदानित व्यक्तियों को पहले ही दिन परामर्श प्रदान करते हुए शीघ्र उपचार प्रारंभ करने और दीर्घकालिक अनुपालन के महत्व के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया, ताकि फॉलो-अप से छूटने (LFU) की समस्या को कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त, LFU मामलों को पुनः उपचार से जोड़ने हेतु सभी उपलब्ध माध्यमों का उपयोग करते हुए सघन ट्रैक-बैक अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

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बैठक के दौरान, डॉ. सद्भावना पंडित, परियोजना निदेशक, CSACS ने कार्यक्रम के प्रदर्शन एवं प्रमुख रणनीतिक हस्तक्षेपों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें मौजूदा कमियों को रेखांकित करते हुए सुधार के लिए लक्षित उपाय सुझाए गए।

यह भी निर्देशित किया गया कि भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के साथ समन्वय को सुदृढ़ किया जाए, ताकि निजी चिकित्सकों की भागीदारी सुनिश्चित कर निजी क्षेत्र में PLHIV के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) सेवाओं की पहुंच का विस्तार किया जा सके।

बैठक का एक प्रमुख आकर्षण “रात्रि एड्स सुरक्षा अभियान (RAS अभियान)” पर प्रस्तुति रही, जो एक अभिनव रात्रिकालीन हस्तक्षेप रणनीति है। इसका उद्देश्य देर रात के समय संवेदनशील समूहों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है, जिसके लिए माइक्रोप्लानिंग एवं साझेदार गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से पूर्ण कवरेज सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, “मिशन एड्स सुरक्षा” के अंतर्गत 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति एवं एचआईवी, सिफिलिस तथा हेपेटाइटिस-बी के ऊर्ध्वाधर संचरण के उन्मूलन से संबंधित राष्ट्रीय रणनीतिक पहल की जानकारी सभी सदस्यों के साथ साझा की गई। इस मिशन के अंतर्गत 1 दिसंबर 2026 तक 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके। यह मिशन परीक्षण कवरेज बढ़ाने, उपचार से शीघ्र जोड़ने, वायरल लोड दमन में सुधार तथा सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है, ताकि 1 दिसंबर 2027 तक एचआईवी महामारी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

अध्यक्ष ने एचआईवी महामारी नियंत्रण की दिशा में प्रगति को तेज करने हेतु व्यापक जनसंपर्क, अधिक परीक्षण तथा सतत सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

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