अटल व्यक्तित्व और विचार की यात्रा विषय पर बोलते हुए सम्मेलन के संयोजक विशाल सेठ ने कहा, अटल जी अपनी सरल भाषा में अपनी बात लोगों के मन में आसानी से पहुंचा दिया करते थे। प्रत्येक भारतीय के दिलों की धड़कन अटल जी का सम्मान विपक्ष के सभी नेता करते थे और उनकी बात बड़े ही ध्यान से सुनते थे। पूरी दुनिया में अटल जी ने भारत के मान सम्मान को शिखर पर पहुंचाया।
सम्मेलन में बोलते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा, वाजपेयी जी का जीवन एक खुली किताब की तरह है। बतौर प्रधानमंत्री वाजपेयी जी की बेहतरीन शासन व्यवस्था की ही देन है कि आज हम पूरे देश में सुशासन दिवस मना रहे है। अटल जी के प्रभावी व्यक्तित्व एवं ओजस्वी भाषण शैली से प्रभावित होकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वाजपेयी जी को संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की बात रखने के लिए भेजा, और वाजपेयी जी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार विशुद्ध हिंदी में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया। अटल जी कहा करते थे, भारत जमीन का एक टुकड़ा मात्र नहीं, एक जीता जागता राष्ट्रपुरुष है। जीना है तो देश के लिए, मरना है तो देश के लिए अटल जी का मूल मंत्र था।
सम्मेलन में बोलते हुए, नगर महापौर कुलभूषण गोयल ने कहा कि देश में पहली बार पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला वाजपेयी जी ने रखी। वाजपेयी जी देश के सबसे युवा सांसद रहे, उन्होंने अपनी लेखन शैली और कविताओं के माध्यम से हर भारतीय के दिल को जीता। सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे तमाम कार्यो की आज भी मिसाल दी जाती है।
इस मौके पर पार्टी मुख्यालय पंचकमल के सामने बने अटल चौक पर वाजपेयी जी की स्मृति में दीये भी जलाए गए। सम्मेलन में जिला महामंत्री जय कौशिक, भवनजीत सिंह, शिवालिक बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, मार्किट कमेटी चेयरमैन देश राज पोसवाल सहित तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे।
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