Follow

हरियाणा में कम से कम एक स्कूल को गोद लेंगे एचसीएस अधिकारी : अनुराग रस्तोगी

Listen to this article

हरियाणा में पीएम श्री स्कूलों को दो साल तक मिलेंगे 2-2 करोड़ रुपये 

निगरानी बढ़ेगी, क्रियान्वयन में आएगी तेजी

न्यूज़म ब्यूरो

Advertisement

चंडीगढ़, 11 मार्च : हरियाणा में स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश के हर पीएम श्री स्कूल को बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए दो साल तक 2 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली इस राशि में 21 प्रमुख घटक कवर होंगे, जिनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा केंद्रों के तौर पर विकसित करना है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्कूलों की बुनियादी तथा शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करने और कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि ये समितियां अपने अधिकार-क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में जाकर उनके बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करें। साथ ही, प्राथमिकता वाले कार्यों की भी पहचान करें ताकि शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के मजबूतीकरण के लिए राशि का समुचित ढंग से उपयोग किया जा सके।

अनुराग रस्तोगी ने कहा कि इन स्कूलों में सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पद प्राथमिकता आधार पर भरे जाएं। साथ ही, जिलों में तैनात एचसीएस अधिकारी कम से कम एक पीएम श्री स्कल को गोद लेकर इनके मार्गदर्शन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएं ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पीएम श्री पहल सरकारी स्कूलों को आदर्श संस्थानों में बदलने और पूरे राज्य में शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के तीन पीएम श्री स्कूलों और तीन मॉडल संस्कृति स्कूलों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शैक्षणिक उत्कृष्टता, अवसंरचना विकास तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिला और मंडल स्तर पर रचनात्मक तथा चयन समितियों का गठन किया जाए, जो स्कूलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सर्वश्रेष्ठ संस्थानों का चयन करें।

गौरतलब है कि प्रदेश में योजना के विभिन्न चरणों के तहत कुल 250 पीएम श्री स्कूलों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 124 जबकि दूसरे चरण में 111 स्कूलों को शामिल किया गया। तीसरे चरण में 6 और पांचवें चरण में 9 स्कूलों का चयन किया गया। इस तरह योजना के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है।

राज्य के 143 विकास खंडों में से 137 खंडों को इस योजना के अंतर्गत कवर किया जा चुका है। इनमें से 113 खंडों में दो-दो पीएम श्री विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और एक प्राथमिक अथवा माध्यमिक स्तर का विद्यालय शामिल है। शेष 24 खंडों में एक-एक पीएम श्री विद्यालय स्थापित किया गया है।

इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 191.69 करोड़ रुपये का अनुमोदित बजट है, जिसमें से 95.87 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और अब तक 29.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है ।

बैठक में बताया गया कि इन विद्यालयों को पर्यावरण अनुकूल ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें सौर ऊर्जा संयंत्र, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, जल संरक्षण प्रणाली, पोषण वाटिका, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली तथा प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल शिक्षण उपकरणों और अनुभव आधारित शिक्षण पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि छात्रों को जिज्ञासा आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा मिल सके।

यह भी बताया गया कि हरियाणा सरकार पीएम श्री विद्यालयों को सेक्टर स्किल काउंसिल और स्थानीय उद्योगों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की रोजगार संभावनाओं के लिए तैयार करना है, ताकि वे शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी प्राप्त कर सकें।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के संयुक्त राज्य परियोजना निदेशक मयंक वर्मा और चीफ सेक्रेटरी ऑफिस से डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी अनिल कुमार भारद्वाज व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh