न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 10 मार्च : नेशनल हेल्थ मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ रिपुदमन सिंह ढिल्लो ने राज्य में चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों से सहयोग की अपील की है।
डॉ रिपुदमन सिंह ढिल्लो ने बताया कि भारत सरकार ने एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। विश्व स्तर पर सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे सामान्य कैंसर है, जबकि भारत में यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश सर्वाइकल कैंसर के मामले जननांग मार्ग में उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पैपिलोमावायरस संक्रमण के कारण होते हैं।
उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन का विशेष राष्ट्रीय अभियान 28 फरवरी, 2026 से शुरू किया गया है, जो तीन माह तक चलेगा। इस अभियान के दौरान वैक्सीन सिंगल डोज शेड्यूल के तहत दी जा रही है। अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, वैक्सीन के उचित भंडारण तथा सुरक्षा की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। यह व्यवस्था भविष्य में इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।
डॉ रिपुदमन सिंह ढिल्लो ने बताया कि 14 वर्ष की आयु की बालिकाएं—जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं—एचपीवी टीकाकरण के लिए पात्र हैं। पात्र बालिकाओं को निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा, बशर्ते उन्होंने पहले कहीं भी एचपीवी वैक्सीन की कोई खुराक न ली हो।
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस संबंध में मीडिया कार्यशालाओं के आयोजन, एचपीवी टीकाकरण शिविरों के प्रचार-प्रसार में जनमाध्यमों की भागीदारी और सोशल मीडिया के माध्यम से टीकाकरण के प्रति सकारात्मक संदेश फैलाने का सहयोग मांगा गया है।
एनएचएम हरियाणा के निदेशक डॉ रिपुदमन सिंह ढिल्लो ने कहा कि मीडिया के सहयोग से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक पात्र बालिकाएं टीकाकरण का लाभ उठा सकेंगी, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में मदद मिलेगी।