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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक क्लिक से लाभार्थियों को भेजे 1884 करोड़ रूपए

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कहा , हर वर्ग को सशक्त करने के लिए कदम उठा रही है प्रदेश सरकार

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 9 मार्च : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत बटन दबाकर एक क्लिक से करीब 1884 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी।

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मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की डबल इंजन सरकार प्रदेश के किसान , महिला , युवा एवं गरीब समेत हर वर्ग को सशक्त करने के लिए कदम उठा रही है। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।

नायब सिंह सैनी ने बताया कि बीते कल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिरसा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में महिलाओं से संबंधित विभिन्न योजनाओं के 1357 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खाते में स्थानांतरित की थी , आज 1884 करोड़ रुपए की राशि भेजी गई है। उन्होंने बताया कि आज सेवा विभाग की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 842 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि सीधे 26 लाख 12 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2025 फसलों के लिए किसानों को बीमा क्लेम वितरित किये गए हैं। उन्होंने बताया कि आज 1 लाख 67 हजार 460 किसानों के बैंक खातों में 711 करोड़ 69 लाख रुपये की बीमा राशि वितरित की गई है। इसे मिलाकर प्रदेश में पिछले 11 सालों में किसानों को फसल के मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 16 हजार 160 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। जबकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में केवल 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी। यही नहीं, कांग्रेस सरकार तो किसानों की 269 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बकाया छोड़कर चली गई थी। इसे वर्तमान सरकार ने वर्ष 2014 में जनसेवा का दायित्व संभालने के बाद जारी किया।

नायब सिंह सैनी ने बताया कि आढ़तियों को राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला अतिरिक्त कमीशन भी आज लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा केंद्रीय भंडारण हेतु खरीदे जाने वाले खाद्यान्नों पर आढ़तियों को गेहूं पर 46 रुपये प्रति क्विंटल, धान पर 45 रुपये 88 पैसे तथा बाजरा पर 11 रुपये 75 पैसे प्रति क्विंटल की दर से कमीशन प्रदान किया जाता है। इस निर्धारित दर के अनुसार खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के दौरान आढ़तियों को कुल लगभग 239 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।

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इसके अलावा राज्य सरकार  ने प्रदेश के आढ़तियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रबी खरीफ सत्र 2024-25 से गेहूं, धान और बाजरा पर आढ़तियों को 55 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कमीशन देने का निर्णय लिया था। इसी निर्णय के अनुसार आज धान और बाजरा पर केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से शेष राशि का भुगतान किया गया है। आज प्रदेश के 11 हजार 199 आढ़तियों को कुल 56 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत 5409 लाभार्थियों को 205.42 करोड़ तथा “आवास सभी के लिए” योजना के तहत 12353 परिवारों को 67 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान राज्य सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य की सहायता हर जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू,  सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा , हरियाणा मत्स्य पालन विभाग के प्रधान सचिव डी. सुरेश, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल , “आवास सबके लिए” विभाग के आयुक्त मोहम्मद शाइन, महानिदेशक जे. गणेशन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक राज नारायण कौशिक, सूचना , जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक ( प्रशासनिक) वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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