न्यूज़म ब्यूरो
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 8वां दीक्षांत समारोह अत्यंत भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिए गर्व और उपलब्धि का प्रतीक बना, जहां हजारों विद्यार्थियों को उनकी वर्षों की मेहनत और समर्पण के बाद स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध उपाधियां प्रदान की गईं। पूरे परिसर में उत्साह, गर्व और उपलब्धि का माहौल देखने को मिला।

विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां और उत्कृष्ट छात्रों का सम्मान
समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना और शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित करना रहा। इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विज्ञान, कला और अन्य विषयों के विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित कर उनकी उपाधियां प्रदान की गईं।

कई मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, अनुसंधान कार्य और नवाचार के लिए विशेष पुरस्कार और मेडल भी दिए गए। इस दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी।
युवाओं की शक्ति पर ओम बिरला का विशेष जोर
मुख्य अतिथि ओम बिरला ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है और यही युवा देश के भविष्य को दिशा देंगे।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान, कौशल और शिक्षा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए भी करें।
उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है और इन चुनौतियों के समाधान के लिए विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है।

शिक्षा के साथ कौशल, नवाचार और शोध की आवश्यकता
अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल डिग्री प्राप्त कर लेना ही सफलता का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने, नए विचारों को अपनाने और नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य उन युवाओं का होगा जो तकनीकी विकास, अनुसंधान, स्टार्टअप और नेतृत्व क्षमता को विकसित करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का भी संदेश दिया।

विश्वविद्यालय के शीर्ष पदाधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शीर्ष पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी —
कुलाधिपति (Chancellor) : पुरुषोत्तमदास पसारी

प्रो-कुलाधिपति (Pro-Chancellor) : कमलनारायण भूराडिया
कुलपति (Vice-Chancellor) : डॉ. योगेश सी. गोस्वामी
रजिस्ट्रार : डॉ. अरविंद सिंह

इसके साथ ही इंजीनियरिंग संकाय का प्रतिनिधित्व करते हुए डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी / प्रमुख इंजीनियरिंग विभाग डॉ. नमित गुप्ता ने
सभी पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक सफर की सफलता पर बधाई दी और भविष्य में समाज और देश के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।

विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए भावनात्मक क्षण
दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए बेहद भावनात्मक और गौरवपूर्ण पल रहा। कई विद्यार्थियों ने अपने विश्वविद्यालय जीवन की यादों को साझा किया और शिक्षकों के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।
वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद डिग्री प्राप्त करने का यह क्षण विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अविस्मरणीय बन गया।

राष्ट्र निर्माण का संदेश
समारोह के समापन पर मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार युवा ही किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस प्रकार श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय का 8वां दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियों का वितरण भर नहीं रहा, बल्कि यह प्रेरणा, संकल्प और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं का उत्सव बनकर सामने आया।