पीतमपुरा की रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ कॉकरोच का भी दहन होगा। आयोजकों ने इसे स्वच्छता अभियान से जोड़ा है।
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर। दशहरे पर इस बार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा। यह पहल पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला समिति की ओर से की जा रही है। आयोजकों के मुताबिक, कॉकरोच का पुतला गंदगी और मैल का प्रतीक होगा। इसके जरिए लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।
स्वच्छ भारत अभियान का संदेश देने की तैयारी
श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल ने बताया कि कॉकरोच के पुतले का दहन स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि इस पहल के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है। रामलीला के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने के साथ स्वच्छता के महत्व को भी रेखांकित किया जाएगा। आयोजन में कॉकरोच को रावण की सेना के असुरों के रूप में दर्शाकर उनका दहन किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों के बीच फैसला चर्चा में
कॉकरोच के पुतले के दहन की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) राजधानी में अपने विरोध प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में है। संगठन ने पहले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
सीजेपी विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के साथ मिलकर भी विरोध प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में दशहरे पर कॉकरोच के पुतले के दहन की घोषणा ने लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, रामलीला समिति ने इस पहल को स्वच्छता के संदेश से जोड़ते हुए किसी भी राजनीतिक उद्देश्य से इनकार किया है।
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