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मुंबई एयरपोर्ट पर 265 इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर संकट, 25 अक्टूबर से बदल जाएगा उड़ानों का हिसाब

राहुल गुप्ता

मुंबई, 4 अक्टूबर। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 25 अक्टूबर से करीब 265 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अस्थायी कटौती होने जा रही है। टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के कारण घरेलू उड़ानों का अतिरिक्त दबाव टर्मिनल-2 पर आने वाला है। इसी वजह से टर्मिनल-2 से संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए उपलब्ध स्लॉट कम किए जा रहे हैं।

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) ने करीब 46 एयरलाइनों को अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान स्लॉट में लगभग 33 प्रतिशत कटौती की जानकारी दी है। फिलहाल टर्मिनल-2 पर हर सप्ताह 770 अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान स्लॉट उपलब्ध हैं, जिनमें से 265 स्लॉट अस्थायी रूप से बंद किए जाएंगे।

किन एयरलाइंस पर पड़ेगा असर?

उड़ानों में सबसे बड़ी कटौती इंडिगो की होगी। उसे हर सप्ताह 74 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्लॉट गंवाने पड़ सकते हैं। एयर इंडिया की 33, अकासा एयर की 11, एयर इंडिया एक्सप्रेस की 7 और स्पाइसजेट की 5 साप्ताहिक उड़ानों पर असर पड़ेगा।

विदेशी एयरलाइंस में एमिरेट्स और एतिहाद एयरवेज की 10-10 साप्ताहिक उड़ानों के स्लॉट कम किए जाएंगे।

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एयरलाइंस को 6 अक्टूबर तक यह बताने को कहा गया है कि वे किन स्लॉट को छोड़ना चाहती हैं। अगर कोई एयरलाइन तय समय तक जानकारी नहीं देती है, तो एमआईएएल परिचालन क्षमता और अन्य परिस्थितियों के आधार पर स्लॉट वापस ले सकता है।

टर्मिनल-1 बंद होने से क्यों बदलेगा पूरा सिस्टम?

सांताक्रूज स्थित टर्मिनल-1 का पुनर्विकास किया जाना है। हालांकि इसे एक साथ पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। पहले चरण में टर्मिनल-1बी के उत्तरी हिस्से का पुनर्विकास होगा, जहां सालाना करीब 50 लाख यात्रियों का आवागमन होता है।

यात्रियों और उड़ानों का स्थानांतरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। शुरुआत में करीब एक-तिहाई उड़ानें स्थानांतरित होंगी, इसके बाद दूसरे चरण में एक और तिहाई उड़ानों को हटाया जाएगा। जनवरी 2027 तक टर्मिनल-1 से संचालित पूरी संबंधित क्षमता को नए सिस्टम में समायोजित करने की योजना है।

टर्मिनल-1 से जुड़े करीब 50 लाख यात्रियों को अस्थायी रूप से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर स्थानांतरित किया जाना है, जबकि बाकी करीब 1 करोड़ यात्री टर्मिनल-1 से ही यात्रा करते रहेंगे। फिलहाल टर्मिनल-1 से रोजाना करीब 950 उड़ानों का संचालन होता है।

नए टर्मिनल-1 के 2029-30 तक तैयार होने की उम्मीद है। एमआईएएल ने एयरलाइंस को यह भी भरोसा दिया है कि नया टर्मिनल चालू होने के बाद उनके पुराने स्लॉट अधिकार बहाल किए जाएंगे।

एयरलाइंस क्यों जता रही हैं विरोध?

टर्मिनल और उड़ानों के स्थानांतरण की योजना को लेकर कई एयरलाइंस ने चिंता जताई है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने पिछले महीने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के कथित तौर पर अनिवार्य स्थानांतरण का विरोध किया था।

आईएटीए का कहना है कि एयरलाइंस को अपनी व्यावसायिक और परिचालन जरूरतों के आधार पर स्थानांतरण का फैसला करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। संगठन ने नवी मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग, विमान रखरखाव, कैटरिंग, कार्गो सुविधाओं, क्रू के ठहरने और कनेक्टिविटी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

लॉजिस्टिक्स कंपनी चैलेंज ग्रुप ने भी मुंबई में अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है। कंपनी ने नवी मुंबई में मौजूदा परिचालन व्यवस्था से अपने कार्गो संचालन के लिए जरूरी विश्वसनीयता और निश्चितता नहीं मिलने का हवाला दिया है।

एयर फ्रांस-केएलएम ने भी अपनी लंबी दूरी की उड़ानों को दो अलग-अलग एयरपोर्ट के बीच बांटने पर परिचालन संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है।

6 अक्टूबर के बाद क्या होगा?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तारीख 6 अक्टूबर है। इसी दिन तक एयरलाइंस को उन अंतरराष्ट्रीय स्लॉट की जानकारी देनी है जिन्हें वे अस्थायी रूप से छोड़ना चाहती हैं। इसके बाद 25 अक्टूबर से उड़ानों की संख्या और शेड्यूल में बदलाव शुरू हो सकता है।

इस बदलाव का सीधा असर यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। कुछ उड़ानों की फ्रीक्वेंसी घट सकती है, समय बदल सकता है और कुछ यात्रियों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्रा करनी पड़ सकती है। टर्मिनल-1 के पुनर्विकास और नवी मुंबई एयरपोर्ट पर परिचालन को लेकर एमआईएएल और एयरलाइंस के बीच मतभेद फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

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