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महाराष्ट्र में 16 अक्टूबर से 10% पानी कटौती, सरकार ने तय की नई व्यवस्था

कम मानसून और अल-नीनो के असर से सूखे जैसे हालात की आशंका के बीच ग्रामीण और शहरी निकायों के लिए पानी बचाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 5 अक्टूबर। महाराष्ट्र में कम मानसून और अल-नीनो के संभावित प्रभाव के चलते पानी की उपलब्धता को लेकर सरकार ने एहतियाती कदम उठाया है। जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को कहा कि 16 अक्टूबर 2026 से राज्य के सभी ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 10% पानी की कटौती लागू की जाएगी। इसमें महानगरपालिकाएं, नगरपालिकाएं और ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

राज्य सरकार ने पानी की उपलब्धता और संभावित सूखे जैसे हालात को ध्यान में रखते हुए 31 अगस्त 2027 तक के लिए जल नियोजन तैयार किया है। जल संसाधन विभाग ने बांधवार उपलब्ध जल भंडार और उसके उपयोग के आधार पर योजना बनाई है। इस दौरान पेयजल की जरूरत को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

रिसाव रोकने और पानी के पुन: उपयोग पर जोर

सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को पानी के रिसाव को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जलमल शोधन संयंत्रों को पूरी क्षमता से संचालित करने को कहा गया है, ताकि उपचारित पानी का अधिक से अधिक पुन: उपयोग किया जा सके।

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औद्योगिक क्षेत्र में भी पानी की खपत कम करने के लिए कदम उठाए गए हैं। उद्योगों को उनके इस्तेमाल किए जाने वाले कम से कम 30% पानी का पुन: उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य ताजे पानी पर उद्योगों की निर्भरता कम करना है।

हर बांध में 10% अतिरिक्त आपात बफर

गिरीश महाजन के मुताबिक, राज्य के प्रत्येक बांध में 10% अतिरिक्त आपातकालीन बफर स्टॉक रखा जाएगा। वाष्पीकरण, गाद और अनधिकृत जल निकासी को ध्यान में रखते हुए 31 अगस्त 2027 तक पेयजल की जरूरत के लिए पर्याप्त पानी आरक्षित रखने की योजना बनाई गई है।

जल आवंटन में भी प्राथमिकता तय की गई है। सबसे पहले पेयजल, मवेशियों और चारे की जरूरत पूरी की जाएगी। इसके बाद उपलब्ध जल भंडार के आधार पर सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा।

अवैध पानी निकासी पर कार्रवाई

बांधों, नदियों और नहरों से अवैध तरीके से पानी निकालने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारी राजस्व और पुलिस विभाग के साथ मिलकर निगरानी और गश्त करेंगे। अवैध रूप से पानी खींचने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पंप और अन्य उपकरण जब्त किए जाएंगे।

जल संसाधन, राजस्व, कृषि, उद्योग और शहरी विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ स्थिति की निगरानी करेंगे। सरकार ने नागरिकों और सरकारी एजेंसियों से पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने तथा हर संभव तरीके से पानी बचाने की अपील की है।

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